Sunday, August 2, 2026
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उत्तराखंड

मसूरी में धार्मिक ढांचा हटाए जाने पर बवाल: मुस्लिम समुदाय का हाईवे पर प्रदर्शन, एसडीएम बोले— ‘नगर पालिका की ज़मीन पर था अवैध निर्माण’

मसूरी में धार्मिक ढांचा हटाए जाने पर बवाल: मुस्लिम समुदाय का हाईवे पर प्रदर्शन, एसडीएम बोले— ‘नगर पालिका की ज़मीन पर था अवैध निर्माण’

​उत्तराखंड के मसूरी स्थित लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को नगर पालिका की भूमि पर बने एक धार्मिक ढांचे को जिला प्रशासन द्वारा हटाए जाने के बाद भारी तनाव की स्थिति बन गई। इस कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार व प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।

​1. मुस्लिम समुदाय का दावा और विरोध

​200 साल पुराना स्थल: प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया निर्माण नहीं था, बल्कि लगभग 200 साल पुरानी जगह है, जहाँ उनके पूर्वजों की मजारें और कब्रें हैं।

​जनाजे की नमाज का टीनशेड: समुदाय के लोगों ने स्पष्ट किया कि जिसे प्रशासन मस्जिद बताकर हटा रहा है, वह नियमित नमाज की जगह नहीं बल्कि जनाजे की नमाज पढ़ने के लिए बना एक टीनशेड था।

​संवेदनशीलता की मांग: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी और बिना वार्ता किए यह कार्रवाई की गई।

​2. प्रशासन का रुख: ‘कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के बाद कार्रवाई’

​मसूरी के उपजिलाधिकारी (SDM) राहुल आनंद ने प्रशासनिक कार्रवाई को पूरी तरह नियमानुकूल और वैध ठहराया:

​नगर पालिका की भूमि: एसडीएम के अनुसार, संयुक्त जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और ना ही किसी व्यक्ति या समुदाय की। अभिलेखों के अनुसार यह भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की संपत्ति है।

​तीन बार जारी किया गया नोटिस: प्रशासन ने बताया कि कब्जा हटाने के लिए संबंधित पक्ष को तीन बार कानूनी नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। नोटिस का पालन न होने पर पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।

​कानून सर्वोपरि: एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने केवल कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

​3. क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई

​प्रदर्शनकारियों द्वारा हाईवे जाम किए जाने के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर नज़र रखे हुए है।

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