चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर बीजेपी का आक्रामक रुख: 10 मुख्यमंत्रियों ने एक साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन पर बोला करारा हमला
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने को लेकर बीजेपी का आक्रामक रुख: 10 मुख्यमंत्रियों ने एक साथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस, राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन पर बोला करारा हमला
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के विरोध में राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के खिलाफ तीखा मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा सभी मनगढ़ंत आरोपों का तथ्यात्मक खंडन करने के बावजूद, अपनी लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी नाकामी छिपाने के लिए संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं।
इस देशव्यापी रणनीति के तहत भाजपा के 10 मुख्यमंत्रियों और प्रमुख नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है।
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं के प्रमुख बयान:
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस: “कोई वोट नहीं चुराया गया, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चुरा लिया गया है। राहुल गांधी संविधान की आड़ में संस्थाओं को बदनाम कर देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं, ताकि लोगों का व्यवस्था से विश्वास उठ सके।”
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ: “विपक्ष ने ‘SIR’ को लेकर समाज में भ्रम फैलाया है। इसके लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को जनता से माफी मांगनी चाहिए।”
असम के सीएम हिमंता बिस्वा शर्मा: उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन को “हारे हुए लोगों का गठबंधन” करार दिया।
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव: “राहुल गांधी से न तो अपनी पार्टी संभल रही है और न ही अपना कुनबा, इसलिए अब वे केवल झूठ फैलाने में लगे हैं।” (इस दौरान म.प्र. भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी चुनाव आयोग पर आरोप लगाने को लेकर विपक्ष को घेरा)।
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय: “100 से अधिक चुनाव हार चुकी हताश कांग्रेस अब राष्ट्रविरोधी आचरण पर उतर आई है। चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस वार्ता ने इनके झूठ की पोल खोल दी है।”
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी: “लोकतंत्र में सवाल पूछना जायज है, लेकिन किसी आंतरिक चर्चा के नोट को अंतिम निर्णय बताकर संस्थाओं को बदनाम करना गलत है। चुनाव आयोग के सभी फैसले पूरी सहमति से लिए गए हैं।”
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा: “विपक्ष अपनी चुनावी हार को छिपाने के लिए झूठ फैला रहा है। 24 जून, 2025 के जो आदेश पूर्ण सहमति से पारित हुए थे, उन पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच क्यों नहीं की गई?”
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता: “विपक्ष अपनी विफलताओं और विकास कार्यों से ध्यान भटकाने के लिए यह आधारहीन स्थिति पैदा कर रहा है। राहुल गांधी और कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।”
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी: “कांग्रेस के पास अब केवल एक ही मिशन बचा है—’पीएम मोदी को गाली दो या संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करो’।”
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल: “कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अलग-अलग मापदंड रहे हैं। जब वे जीतते हैं तो आयोग की निष्पक्षता की बात करते हैं, और हारने पर वोट चोरी का राग अलापते हैं।”
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी: “मतदाता सूची का शुद्धिकरण जरूरी है, क्योंकि अब देश में ‘बूथ कैप्चरिंग’ का दौर खत्म हो चुका है। राहुल गांधी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।”
पश्चिम बंगाल (सांसद/नेता): बंगाल के संदर्भ में उठाए गए मुद्दों पर पार्टी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।
अन्य राज्यों में भी बीजेपी का आक्रामक पलटवार:
कर्नाटक: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कांग्रेस पर मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने का आरोप लगाया।
केरल: प्रदेश भाजपा महासचिव अनूप एंटनी ने कहा कि केरल के कांग्रेसी नेता जहां ‘SIR’ को सही ठहरा रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी झूठ फैला रहे हैं।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी (हैदराबाद), आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश (राजीव बिंदल) और झारखंड (आदित्य साहू) के पार्टी अध्यक्षों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के रवैये की कड़ी निंदा की।
भाजपा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और स्वतंत्र संस्था है, जिसके खिलाफ इस प्रकार की बेबुनियाद बयानबाजी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। पार्टी ने जनता से अपील की है कि वे विपक्ष के इन भ्रामक दावों से सतर्क रहें।
