PM मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली लड़की ने मांगी माफी, पीएम ने भी दिखाई दरियादिली— कहा, ‘भटके युवाओं को सजा नहीं, सही रास्ता दिखाएं’
PM मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली लड़की ने मांगी माफी, पीएम ने भी दिखाई दरियादिली— कहा, ‘भटके युवाओं को सजा नहीं, सही रास्ता दिखाएं’
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी (CJP) विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने वाली लड़की का एक माफीनामा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
लड़की के खिलाफ दिल्ली और नोएडा में पुलिस मामला दर्ज किए जाने के बाद, उसने वीडियो जारी कर देशवासियों से माफी मांगी है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इस पूरे मामले पर भावुक और बड़े दिल वाला संदेश साझा करते हुए भटके हुए युवाओं को माफ करने की अपील की है।
1. वायरल वीडियो में लड़की का बयान: ‘मैं बहकावे में आ गई थी’
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लड़की ने रोते और पछतावा जताते हुए कहा:
उम्र का दावा: एफआईआर (FIR) में उम्र 25 साल दर्ज होने के बावजूद लड़की ने वीडियो में दावा किया कि वह सिर्फ 15 साल की नाबालिग है।
माफी की अपील: उसने कहा, “मैं प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थी और मैंने प्रधानमंत्री जी के खिलाफ बहुत बुरी बातें कह दीं। मैंने जो किया वह माफी के योग्य नहीं है, मुझे बहुत शर्म आ रही है। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है, पूरा देश मुझे माफ कर दे।”
2. पुलिस कार्रवाई और एफआईआर ट्रांसफर
जीरो एफआईआर (Zero FIR): घटना के बाद नोएडा के पुलिस स्टेशन में लड़की के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, जिसे बाद में नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया।
आरोप: शिकायतकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पीएम कार्यालय और प्रधानमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा सार्वजनिक शांति भंग करने की नीयत से ये अपशब्द कहे गए थे।
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश: ‘बदले या गुस्से से हल नहीं निकलेगा’
लड़की का माफी वीडियो सामने आने से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर देश और समाज से संयम बरतने का आग्रह किया:
”जंतर-मंतर पर जो हुआ, उसमें कुछ गुमराह युवाओं ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसकी किसी सभ्य समाज में जगह नहीं है। मुझे और मेरी दिवंगत मां को भी अपशब्द कहे गए। लेकिन इसका समाधान गुस्से या बदले की भावना में नहीं है।”
पीएम मोदी ने समाज और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपील करते हुए कहा:
गलतियां सुधारने की उम्र: बचपन और युवावस्था में गलतियां होती हैं और यही उम्र उन्हें सुधारने की भी होती है।
सजा के बजाय मार्गदर्शन: “ये बच्चे गुमराह हैं। इन्हें अदालतों और पुलिस स्टेशन के चक्कर कटवाने या परेशान करने से हालात नहीं बदलेंगे। समाज का फर्ज है कि इन बच्चों को अपनाए और सही रास्ता दिखाए। मैं उन्हें माफ करता हूं और देश से भी माफी की अपील करता हूं।”
