भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में जुलाई में जोरदार उछाल: SUV, EV और एक्सपोर्ट ने बनाई रफ्तार; Hyundai, Tata और Mahindra ने बनाए नए रिकॉर्ड
भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार में जुलाई में जोरदार उछाल: SUV, EV और एक्सपोर्ट ने बनाई रफ्तार; Hyundai, Tata और Mahindra ने बनाए नए रिकॉर्ड
भारतीय यात्री वाहन (Passenger Vehicle) उद्योग के लिए जुलाई का महीना बेहद शानदार रहा। स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की लगातार मजबूत मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बिक्री में तेज उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ते निर्यात के दम पर देश की प्रमुख ऑटो कंपनियों ने बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
1. प्रमुख ऑटो कंपनियों का प्रदर्शन
हुंडई मोटर इंडिया (HMIL): ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कुल बिक्री: 75,360 यूनिट्स (25.4% की बढ़ोतरी)—यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सर्वश्रेष्ठ मासिक बिक्री है।
घरेलू बिक्री: 23.3% बढ़कर 54,210 यूनिट्स रही।
निर्यात (Export): 31.4% बढ़कर 21,150 यूनिट्स पहुंचा, जो पिछले 100 महीनों में सबसे अधिक है।
MD एवं CEO तरुण गर्ग के अनुसार, नई तिमाही की यह शुरुआत ग्राहकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है।
टाटा मोटर्स (TMPV): EV बिक्री दोगुनी से ज्यादा
कुल बिक्री: 63,760 यूनिट्स (59% की भारी बढ़ोतरी)।
घरेलू बिक्री: 58% बढ़कर 62,611 यूनिट्स हुई।
EV सेगमेंट: जुलाई में 15,217 इलेक्ट्रिक वाहन बिके (पिछले साल 7,124 यूनिट्स), यानी EV बिक्री में 100% से अधिक की ग्रोथ दर्ज हुई।
महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M): 1 लाख से अधिक कुल बिक्री
कुल बिक्री: 1,03,860 यूनिट्स (26% की वृद्धि)।
SUV बिक्री: घरेलू बाजार में 20% बढ़कर 60,048 यूनिट्स (कुल SUV एक्सपोर्ट सहित: 60,887 यूनिट्स)।
कमर्शियल व थ्री-व्हीलर: कमर्शियल वाहनों में 23% (25,204 यूनिट्स) और थ्री-व्हीलर/EV सेगमेंट में 53% (14,538 यूनिट्स) का उछाल रहा।
सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा के अनुसार, जनवरी-जुलाई 2026 की अवधि में महिंद्रा की कुल SUV बिक्री 2,34,793 यूनिट्स (16% वृद्धि) रही।
किआ इंडिया (Kia India)
थोक बिक्री (Dispatches): 27.4% बढ़कर 28,200 यूनिट्स—यह कंपनी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है।
जनवरी-जुलाई की कुल बिक्री: 1,91,949 यूनिट्स (16.8% की बढ़ोतरी)।
निसान मोटर इंडिया (Nissan India)
कुल डिस्पैच: 9,339 यूनिट्स।
घरेलू बिक्री: 218% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ 4,518 यूनिट्स पर पहुंची।
ड्राइविंग फैक्टर: नई टेक्टॉन (Tecton) SUV की लॉन्चिंग और डिलीवरी शुरू होने से निसान को यह बड़ी बढ़त मिली है, जो अब मैग्नाइट और ग्रेवाइट के साथ इसके पोर्टफोलियो का हिस्सा है।
2. मुख्य निष्कर्ष
SUV का दबदबा: भारतीय ऑटो बाजार की ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार SUV सेगमेंट बना हुआ है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव: टाटा मोटर्स जैसे ब्रांड्स के EV आंकड़ों से साफ है कि भारतीय ग्राहक अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।
ग्लोबल डिमांड: भारतीय वाहनों का निर्यात (Export) लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की मांग साबित होती है।
