पश्चिम बंगाल: जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हामिद मंडल की महिला साथी अर्पिता सरकार गिरफ्तार; ‘हनी-ट्रैप’ और VIPs की रेकी का खुलासा
पश्चिम बंगाल: जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हामिद मंडल की महिला साथी अर्पिता सरकार गिरफ्तार; ‘हनी-ट्रैप’ और VIPs की रेकी का खुलासा
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में एक और बड़ी सफलता मिली है। STF ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संदिग्ध ऑपरेटिव मोहम्मद हामिद मंडल की करीबी सहयोगी और प्रेमिका अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया है।
अर्पिता को शुक्रवार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार कर शनिवार को बंगाल के बर्धमान लाया गया।
1. ‘हनी-ट्रैप’ और राजनीतिक हस्तियों की जासूसी का आरोप
हनी-ट्रैप नेटवर्क का हिस्सा: एसटीएफ की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अर्पिता सरकार ‘हनी-ट्रैप’ नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही थी। इसका इस्तेमाल संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल द्वारा टारगेट (राजनेताओं/वीआईपी) को फंसाने के लिए किया जाता था।
संवेदनशील जानकारी जुटाना: हामिद मंडल ने पश्चिम बंगाल के प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं और वीआईपी तक पहुँच बनाने तथा उनकी व्यक्तिगत व संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए अर्पिता का इस्तेमाल किया।
डिजिटल सबूत: दोनों के बीच व्हाट्सएप पर नियमित संपर्क और संदिग्ध चैट बरामद हुई हैं, जिनकी डिजिटल जांच की जा रही है।
2. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के काफिले और मूवमेंट पर थी नजर
आईएसआई (ISI) सपोर्टेड नेटवर्क: गुरुवार को बर्धमान के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किए गए हामिद मंडल पर आईएसआई समर्थित नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है। उसे बीजेपी नेताओं और वीआईपी की खुफिया जानकारी जुटाने तथा आतंकी गतिविधियों के लिए जमीन तैयार करने का काम दिया गया था।
सीएम की रेकी: जांच में यह भी सामने आया है कि मंडल राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मूवमेंट, उनके सुरक्षा काफिले और यात्रा के रास्तों पर नजर रख रहा था।
3. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बयान
हामिद मंडल की गिरफ्तारी और सुरक्षा में चूक के सवाल पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
”यह एक बेहद संवेदनशील मामला है। एसटीएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। इस मॉड्यूल के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन (International Links) हो सकते हैं और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।”
पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों के डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों और उनके द्वारा एकत्र की गई खुफिया जानकारियों के गंतव्य की जांच में जुटी है।
