Saturday, August 1, 2026
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भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग ‘केसरिया’ करने पर उपजा विवाद: कपिल सिब्बल बोले— ‘यह एक और निम्न स्तर’, पूर्व दिग्गजों ने भी जताई नाराजगी

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग ‘केसरिया’ करने पर उपजा विवाद: कपिल सिब्बल बोले— ‘यह एक और निम्न स्तर’, पूर्व दिग्गजों ने भी जताई नाराजगी

​भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की पारंपरिक ‘ब्लू’ जर्सी का रंग बदलकर ‘केसरिया’ (Saffron) किए जाने को लेकर देश में नया राजनीतिक और खेल विवाद खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शनिवार को इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “एक और निम्न स्तर” करार दिया।

​1. कपिल सिब्बल का बयान और राजनीतिक तंज

​कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट साझा करते हुए हॉकी इंडिया और इस निर्णय पर सवाल खड़े किए:

​”FIH हॉकी वर्ल्ड कप: टीमों की पारंपरिक नीली जर्सी केसरिया हो गई। ना तो हॉकी इंडिया के अध्यक्ष को और ना ही कार्यकारी बोर्ड को इसकी जानकारी थी। तर्क दिया जा रहा है कि अगर जर्सी केसरिया होगी, तो मन भी केसरिया हो सकता है! यह एक और निम्न स्तर है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।”

 

​2. हॉकी इंडिया की सफाई: तकनीकी कारण और राष्ट्रीय गौरव

​हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया और प्रेस बयान के जरिए नई जर्सी का अनावरण करते हुए इस फैसले के पीछे का तर्क स्पष्ट किया:

​तकनीकी कारण (विजिबिलिटी समस्या): हॉकी इंडिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक सिंथेटिक टर्फ (Astroturf) का रंग आमतौर पर नीला होता है। पारंपरिक नीली जर्सी नीले मैदान के साथ मिल जाती थी (blend/merge होती थी), जिससे मैदान पर खिलाड़ियों को गेंद और साथियों को स्पष्ट देखने में परेशानी आती थी।

​केसरिया रंग का महत्व: संस्था ने कहा कि जर्सी का यह नया रंग साहस, त्याग और जीत का प्रतीक है तथा इसे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम रूप दिया गया है। इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं था।

​3. हॉकी इंडिया के भीतर मतभेद और पूर्व खिलाड़ियों का विरोध

​प्रशासनिक तालमेल की कमी: हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने दावा किया कि जर्सी बदलने का यह फैसला उनकी पूर्व जानकारी के बिना लिया गया। वहीं, संस्था के सचिव भोला नाथ सिंह ने उनसे उलट बयान देते हुए कहा कि बोर्ड के सभी अधिकारियों को इस बदलाव की जानकारी थी।

​दिग्गजों की नाराजगी: भारतीय हॉकी के दिग्गज पूर्व खिलाड़ियों जैसे वासुदेवन भास्करन, विरेन रासकिन्हा, अजीत पाल सिंह और परगट सिंह ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि दशकों से ‘मैन इन ब्लू’ के रूप में बनी भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक पहचान और विरासत के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

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