वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद पर FIR: संसद में ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी’ के सांकेतिक प्रदर्शन पर विवाद; संतों ने दर्ज कराया केस
वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद पर FIR: संसद में ‘राम मंदिर चढ़ावा चोरी’ के सांकेतिक प्रदर्शन पर विवाद; संतों ने दर्ज कराया केस
संसद भवन परिसर में ‘राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी’ का सांकेतिक प्रदर्शन करने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में तीनों नेताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
1. क्या था पूरा विवादित घटनाक्रम?
सांकेतिक प्रदर्शन: संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वेश धारण कर हाथ में एक सांकेतिक दानपात्र लेकर बैठे थे।
एक्टिंग और वीडियो: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने उस दानपात्र में कुछ पैसे डाले, जिसके तुरंत बाद पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते हुए दिखे। इसके जरिए राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को दर्शाने का प्रयास किया गया था।
भगवा वेश पर आपत्ति: भगवा वस्त्र पहनकर चोरी का दृश्य फिल्माने/दर्शाने को लेकर संतों, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा विरोध जताया है।
2. संतों की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज
वाराणसी में मामला दर्ज: वाराणसी के स्थानीय संतों और धार्मिक संगठनों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
आरोप: शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पवित्र ‘भगवा’ वस्त्र और संतों के वेश का उपयोग चोरी जैसी घटना को दर्शाने के लिए करना पूरे हिंदू समाज और सनातन संस्कृति का अपमान है। इस आधार पर तीनों सांसदों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
3. राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
भाजपा व VHP का हमला: पूर्व भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने इस कदम की तीखी आलोचना की। पूनावाला ने सवाल उठाया— “क्या किसी अन्य धर्म का मामला होने पर उनके धार्मिक पहनावे में ऐसी चोरी की घटना को फिल्माने की हिम्मत की जाती?”
लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन: लखनऊ सहित यूपी के कई शहरों में हिंदू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव का विरोध किया व पुतले फूंके।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय: जानकारों का मानना है कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं द्वारा इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन से विपक्ष पर ‘हिंदुत्व और सनातन विरोधी’ होने का आरोप फिर से हावी हो सकता है, जिससे राजनीतिक रूप से विपक्ष को नुकसान पहुँचने की संभावना है।
