Saturday, August 1, 2026
Latest:
राजनीति

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा सियासी दांव; आजाद समाज पार्टी ने जारी की 45 प्रभारियों की पहली सूची 

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सांसद चंद्रशेखर आजाद का बड़ा सियासी दांव; आजाद समाज पार्टी ने जारी की 45 प्रभारियों की पहली सूची 

​नगीना सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का शंखनाद करते हुए 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी कर दी है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की तर्ज पर ये प्रभारी ही चुनाव में पार्टी के संभावित उम्मीदवार होंगे।

​1. चंद्रशेखर आजाद का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ एवं सामाजिक समीकरण

​आजाद समाज पार्टी (ASP) की इस पहली सूची में 85% बहुजन आबादी (दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक) को साधने की रणनीति अपनाई गई है। सूची में एक भी सामान्य (सवर्ण) वर्ग के नेता को स्थान नहीं दिया गया है:

​अनुसूचित जाति (SC): 18 प्रभारी

​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 16 प्रभारी

​मुस्लिम समाज: 10 प्रभारी

​सिख समाज: 1 प्रभारी (पलिया सीट, लखीमपुर खीरी)

​नोट: पार्टी ने 5 अनारकली/अनारक्षित (General) सीटों— जैसे लखनऊ कैंट, गोविंद नगर और बीकापुर— पर भी अनुसूचित जाति (SC) के प्रत्याशियों को प्रभारी बनाकर नया राजनीतिक प्रयोग किया है।

 

​2. पश्चिमी यूपी पर विशेष फोकस और प्रमुख नाम

​चंद्रशेखर आजाद का मुख्य ध्यान अपने प्रभाव वाले क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर दिखा है, जहाँ से करीब 20 सीटों के नाम घोषित किए गए हैं:

​हाथरस (सुरक्षित): पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा

​छर्रा (अलीगढ़): पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह

​थाना भवन (शामली): मो. मौसम राव

​मेरठ शहर: बदर अली

​मधुबन (मऊ): शिवसागर यादव

​किठौर (मेरठ): बाबर चौहान खरदौनी

​3. सियासी रणनीति और महत्व

​’बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ का लक्ष्य: प्रभारियों को चुनाव से काफी पहले जिम्मेदारी देने का मकसद यह है कि उन्हें अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसंपर्क करने, बूथ कमेटियां मजबूत करने और अपनी जमीन तैयार करने का पर्याप्त समय मिल सके।

​बसपा और सपा को चुनौती: बसपा (BSP) की सुस्ती और सपा (SP) के ‘PDA’ समीकरण के बीच चंद्रशेखर आजाद खुद को राज्य में एक मजबूत तीसरे बड़े विकल्प के रूप में पेश करने में जुटे हैं।

​मायावती के वोट बैंक में सेंध: बसपा के पारंपरिक दलित और मुस्लिम वोट बैंक को अपने पाले में लाने की होड़ में यह सूची जारी की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *