Saturday, August 1, 2026
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मानसून में बढ़ रहे हैं वायरल और फ्लू के मामले: डॉक्टर की खास सलाह और बचाव के उपाय

मानसून में बढ़ रहे हैं वायरल और फ्लू के मामले: डॉक्टर की खास सलाह और बचाव के उपाय

​नई दिल्ली:

मानसून के मौसम में तापमान और नमी (Humidity) में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण और इन्फ्लूएंजा (Flu) का खतरा काफी बढ़ गया है। दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर ने बताया कि इन दिनों अस्पताल की ओपीडी (OPD) में खांसी, जुकाम, तेज बुखार और शरीर दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

​1. प्रमुख लक्षण और इन्फ्लूएंजा (Flu) का खतरा

​डॉ. सिन्हा के अनुसार, मरीज मुख्य रूप से निम्नलिखित लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं:

​गले में खराश और दर्द

​नाक बहना और सूखी खांसी

​तेज बुखार और सिरदर्द

​पूरे शरीर में अत्यधिक दर्द, थकान और कमजोरी

​नोट: यह साधारण वायरल संक्रमण के साथ-साथ इन्फ्लूएंजा वायरस (जैसे H1N1 या H3N2) भी हो सकता है।

​2. हाई-रिस्क (High-Risk) श्रेणी: किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा?

​कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) के कारण निम्नलिखित समूहों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है:

​65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे

​गर्भवती महिलाएं

​मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (Hypertension), हृदय रोग, किडनी रोग या कैंसर से पीड़ित मरीज

​3. जांच और इलाज की प्रक्रिया

​RT-PCR टेस्ट: इन्फ्लूएंजा का संदेह होने पर नाक या गले के स्वैब से आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच की जाती है, जिससे सही स्ट्रेन (H1N1 या H3N2) का पता चलता है।

​उपचार: पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह से एंटीवायरल दवाएं दी जाती हैं।

​हाइड्रेशन और आराम: तेज बुखार से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसलिए पर्याप्त पानी व तरल पदार्थ पीना, पैरासिटामोल लेना और भरपूर आराम करना जरूरी है।

​4. संक्रमण से बचाव और आइसोलेशन के नियम

​इन्फ्लूएंजा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने या छींकने की बूंदों (Droplets) के जरिए बहुत तेजी से फैलता है। इसलिए:

​खुद को आइसोलेट करें: रिपोर्ट पॉजिटिव आने या लक्षण दिखने पर कम से कम 2-3 दिन घर पर रहें।

​मास्क का उपयोग: घर के अन्य सदस्यों को बचाने के लिए मास्क पहनें।

​हाइजीन का ध्यान: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से ढकें।

​भीड़भाड़ से बचें: बाहर जाना जरूरी हो तो मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग रखें।

​5. कब हों तुरंत सतर्क? (Warning Signs)

​यदि मरीज को निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत आपातकालीन स्थिति मानकर अस्पताल जाएं:

​सांस लेने में तकलीफ या ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO2) का गिरना

​तेज बुखार कई दिनों तक बना रहना

​मरीज का अत्यधिक भ्रमित या बेहोश महसूस करना

​चेतावनी: समय पर इलाज न मिलने पर बुजुर्गों व पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों में यह संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया (Pneumonia) का रूप ले सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

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