उत्तराखंड

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: देहरादून समेत 8 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी, 104 सड़कें बंद

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: देहरादून समेत 8 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी, 104 सड़कें बंद

​देहरादून:

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून समेत राज्य के 8 जिलों में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की चेतावनी जारी की है। इस पूर्वानुमान के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।

​आगामी 7 दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जिससे जनजीवन और चारधाम यात्रा मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

​इन 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी:

​देहरादून

​उत्तरकाशी

​टिहरी Garhwal

​पौड़ी गढ़वाल

​रुद्रप्रयाग

​चमोली

​बागेश्वर

​पिथौरागढ़

​एसईओसी (SEOC) ने निर्देश दिए हैं कि इन जिलों के निचले और जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से जलभराव और अचानक बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों, पुलिस, राजस्व व ग्राम पंचायत स्तर के कर्मियों को अपने क्षेत्रों में तैनात रहने और 24 घंटे मोबाइल चालू रखने को कहा गया है।

​प्रदेश में 104 सड़कें बंद, केदारनाथ व यमुनोत्री मार्ग प्रभावित

​लगातार भूस्खलन और बारिश के कारण प्रदेश भर में 104 सड़कें बाधित हो चुकी हैं:

​सबसे प्रभावित जिले: चमोली (23 सड़कें), पिथौरागढ़ (19 सड़कें), रुद्रप्रयाग (17 सड़कें) और टिहरी (12 सड़कें)।

​पैदल यात्रा मार्गों पर असर: रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा व पत्थर आने से यात्रियों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर रोका गया। वहीं उत्तरकाशी में जानकीचट्टी के पास यमुनोत्री मार्ग पर नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही temporarily रोकी गई।

​पीडब्ल्यूडी, बीआरओ और पीएमजीएसवाई की टीमों को बंद सड़कों को प्राथमिकता से खोलने के लिए जेसीबी मशीनों के साथ तैनात किया गया है।

​नदियों के जलस्तर पर कड़ी नजर

​प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है:

​रुद्रप्रयाग: अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी के निशान (Warning Level) के बिल्कुल करीब बह रही हैं।

​अन्य नदियां: हरिद्वार में गंगा, उत्तरकाशी में भागीरथी, बागेश्वर में सरयू-गोमती और पिथौरागढ़ में काली-सरयू नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

​चारधाम यात्रा और श्रद्धालुओं के लिए सलाह

​तमाम चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा जारी है। इस सीजन में अब तक 45.63 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

​प्रशासन और मौसम विभाग ने यात्रियों व पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़कों की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों व नदी-नालों के पास जाने से बचें।

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