मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक: उपनल अनुबंध, प्रमोशन और CBDC पर कड़े निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक: उपनल अनुबंध, प्रमोशन और CBDC पर कड़े निर्देश
सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के त्वरित निस्तारण के लिए विभागों को कड़े दिशा-निर्देश दिए।
1. उपनल कर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट पर सख्त निर्देश
मुख्य सचिव ने उपनलकर्मियों (UPNL) और विभागों के बीच होने वाले सेवा अनुबंध (Contract) के मुद्दे पर गंभीर रुख अपनाया:
3 दिन की मोहलत: सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अगले 3 दिनों के भीतर अपने विभाग के अंतर्गत उपनलकर्मियों के अनुबंध का कार्य पूरा कराना सुनिश्चित करें।
कार्रवाई की चेतावनी: समय सीमा के भीतर अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण न करने वाले विभागाध्यक्षों को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी जाएगी।
2. प्रमोशन और एसीआर (ACR) समयबद्ध पूरा करने का आदेश
कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा अभिलेखों के संबंध में मुख्य सचिव ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
समयबद्ध प्रमोशन: पूर्व में जारी शासनादेश का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए 30 जून 2027 तक पात्र होने वाले सभी कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अगले एक महीने में शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ACR प्रक्रिया: विभागों को निर्देश दिया गया कि वे अपने कर्मियों की वार्षिक गोपनीयता रिपोर्ट (ACR) बैच क्रिएशन का कार्य तत्काल पूरा करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर एसीआर की पूरी प्रक्रिया को समाप्त करें।
3. सीबीडीसी (CBDC) योजना का अन्य विभागों में विस्तार
कृषि विभाग में सफलतापूर्वक लागू की गई सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) योजना के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर जोर दिया गया:
उद्यान एवं अन्य योजनाएं: मुख्य सचिव ने सीबीडीसी योजना को उद्यान विभाग तथा कृषि विभाग की अन्य कल्याणकारी योजनाओं में भी समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का आयोजन: सभी लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं वाले विभागों में सीबीडीसी लागू करने की संभावनाएं तलाशने के लिए एक विशेष कार्यशाला (Workshop) आयोजित करने का सुझाव दिया गया ताकि डीबीटी/सब्सिडी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
