उत्तराखंड में भारी बारिश से चारधाम यात्रा स्थगित, नदियों का बढ़ा जलस्तर और भूस्खलन से बिगड़े हालात
उत्तराखंड में भारी बारिश से चारधाम यात्रा स्थगित, नदियों का बढ़ा जलस्तर और भूस्खलन से बिगड़े हालात
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बिगड़े मौसम के चलते प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रहे भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और उफनती नदियों के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त के अनुसार, मौसम सामान्य होने और रास्तों के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही सेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) और मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है, जो 29 जुलाई की सुबह तक प्रभावी है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा और ऑरेंज अलर्ट?
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ भारी बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और भूस्खलन की कड़ी चेतावनी दी गई है।
खराब मौसम को देखते हुए देहरादून, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है। लगातार बारिश से गंगा, अलकनंदा, भागीरथी, पिंडर, कोसी, टोंस और यमुना जैसी प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं।
बुनियादी ढांचे को नुकसान: टनल पर पहाड़ी दरकी और पुल का रास्ता बहा
बारिश की वजह से राज्य में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है:
रुद्रप्रयाग टनल हादसा: चारधाम यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे को सीधे जोड़ने वाली 900 मीटर लंबी निर्माणाधीन टनल के मुहाने पर स्थित पहाड़ी भरभराकर टूट गई। इससे टनल के बाहर बने आवासीय परिसर को भारी नुकसान हुआ है।
देहरादून में एप्रोच रोड बही: प्रेमनगर के नंदा की चौकी के पास टौंस नदी पर हाल ही में करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल की एप्रोच रोड बारिश में बह गई। इसके चलते देहरादून, विकासनगर और हिमाचल प्रदेश के बीच सीधी आवाजाही बाधित हो गई है।
अलकनंदा का विकराल रूप: कोटेश्वर गुफा जलमग्न
रुद्रप्रयाग जनपद में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है:
कोटेश्वर महादेव गुफा: नदी से सामान्य तौर पर 30 मीटर दूर स्थित विश्वप्रसिद्ध कोटेश्वर महादेव गुफा मंदिर के भीतर तक अलकनंदा का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे श्रद्धालु जलाभिषेक नहीं कर पा रहे हैं।
शिव प्रतिमा जलमग्न: रुद्रप्रयाग के बेलनी क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा नदी के तेज बहाव में पूरी तरह डूब गई है और पानी आवासीय इलाकों के नजदीक पहुँच रहा है।
प्रशासन की श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील
प्रशासन और पुलिस ने स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों तथा चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) जाने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि:
नदियों और बरसाती नालों के पास बिल्कुल न जाएं।
बेहद जरूरी न होने पर पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें।
सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक चेतावनियों का ही पालन करें।
