उत्तराखंड

उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ का कहर: मंदाकिनी में फंसी महिलाओं का रेस्क्यू, देहरादून में सड़कें बंद व गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर पर

उत्तराखंड में बारिश और बाढ़ का कहर: मंदाकिनी में फंसी महिलाओं का रेस्क्यू, देहरादून में सड़कें बंद व गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर पर

​उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां उफान पर हैं, जगह-जगह भूस्खलन (Landslide) हो रहा है और कई मुख्य मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और राहत व बचाव कार्य जारी हैं।

​1. रुद्रप्रयाग: मंदाकिनी नदी में फंसी 3 महिलाओं का सफल रेस्क्यू

​जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बहकर आ रही लकड़ियां एकत्र करने गईं 3 महिलाएं नदी के तेज बहाव के बीच फंस गईं।

​रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही SDRF और DDRF की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया और तीनों महिलाओं को सकुशल बाहर निकाल लिया।

​अलकनंदा नदी उफान पर: बारिश के कारण अलकनंदा का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है, जिससे बेलनी स्थित भगवान शिव की विशाल मूर्ति जलमग्न हो गई है।

​2. देहरादून: मसूरी मार्ग और मालदेवता रोड पर भूस्खलन, संपर्क टूटा

​राजधानी देहरादून में सोमवार रात से जारी भारी बारिश के कारण दो प्रमुख रास्तों पर भूस्खलन हुआ है:

​मसूरी-देहरादून मार्ग: पावर हाउस से आगे हनुमान मंदिर और पानीवाला बैंड के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से रास्ता बंद हो गया।

​मालदेवता रोड: पहाड़ी का मलबा और चट्टानें आने से सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।

​डीएम का निरीक्षण: देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर प्रभावित इलाकों (नंदा चौकी पुल, सौड़ा-सरौली, मालदेवता, पानीवाला बैंड) का जायजा लिया। PWD को पानीवाला बैंड पर 15 दिनों के भीतर 2 लेन बहाल करने और पुश्ता निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

​3. हरिद्वार: गंगा का जलस्तर अलर्ट लेवल पर, निचले इलाकों में चेतावनी

​पहाड़ों में हो रही भारी बारिश के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर 293 मीटर (चेतावनी का स्तर) तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर है।

​प्रशासन अलर्ट: निचले और तटीय इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सतर्क रखा गया है।

​शहर में जलभराव: भगत सिंह चौक, कनखल और ज्वालापुर के क्षेत्रों में भारी जलभराव हुआ, जिसे नगर निगम की टीमों ने पंप लगाकर खाली कराया।

​कांवड़ मेले की तैयारी: 30 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले से पहले पहुंच रहे शिवभक्तों का उत्साह बारिश के बावजूद कम नहीं हुआ है। DM मयूर दीक्षित ने श्रद्धालुओं व तटीय निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

​प्रशासन की अपील: पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा कंट्रोल रूम या आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें।

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