उत्तराखंड में शिक्षा, तकनीक और नवाचार को नई दिशा, मुख्यमंत्री धामी ने किए कई बड़े ऐलान
उत्तराखंड में शिक्षा, तकनीक और नवाचार को नई दिशा, मुख्यमंत्री धामी ने किए कई बड़े ऐलान
उत्तराखंड / हरिद्वार / देहरादून:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य में शिक्षा, संस्कृति और वैज्ञानिक नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो प्रमुख कार्यक्रमों में शिरकत की। रुड़की में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की भावी रणनीतियों को रेखांकित किया।
1. रुड़की में मेधावी छात्रों का सम्मान, ‘आनंद स्वरूप आर्य शिशु वाटिका’ का लोकार्पण
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड द्वारा रुड़की में आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
मुख्य आकर्षण और प्रमुख बातें:
शिशु वाटिका का उद्घाटन: मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का औपचारिक लोकार्पण किया।
संस्कार और शिक्षा: सीएम धामी ने विद्या भारती के शिक्षा मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि 1952 में गोरखपुर से शुरू हुआ यह संस्थान आज 45 लाख से अधिक छात्रों को भारतीय मूल्यों और संस्कारों के साथ शिक्षा प्रदान कर रहा है।
कठोर नकल विरोधी कानून: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया है, जिसके कारण पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिली हैं। इसके साथ ही प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं (UPSC, NDA, CDS) की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
2. देहरादून: विज्ञान और तकनीक से बनेगा समृद्ध उत्तराखंड, देश की 5वीं साइंस सिटी का निर्माण जारी
देहरादून स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में पायनियर समाचार पत्र समूह एवं यूकॉस्ट (UCOST) के तत्वावधान में “Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand” विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
प्रमुख घोषणाएं एवं निर्देश:
देश की 5वीं साइंस सिटी: देहरादून में बन रही देश की पांचवीं ‘साइंस सिटी’ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि प्रदेश भर के स्कूली विद्यार्थियों को नियमित रूप से साइंस सिटी का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाए।
राज्य की पहली STI नीति: उत्तराखंड की पहली ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति’ लागू कर दी गई है। सीएम ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी खोजने वाला (Job Seeker) नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाना है।
तकनीक का विस्तार: राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, सेमीकंडक्टर, ‘लैब्स ऑन व्हील्स’ और STEM लैब्स जैसी आधुनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ अब उत्तराखंड को ‘विज्ञान और नवाचार की भूमि’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने का संकल्प लिया गया है।
