राजनीति

बड़ा फैसला: नीट विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

बड़ा फैसला: नीट विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

​नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

​इसके साथ ही, वर्तमान में उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

​संसद घेराव और बढ़ता जन-आंदोलन

​पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवा संगठनों का उग्र प्रदर्शन जारी था। 20 जुलाई को स्थिति उस समय काफी संवेदनशील हो गई जब हजारों की संख्या में आक्रोशित छात्रों ने संसद भवन की ओर मार्च निकाला और कई प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर के बेहद करीब तक पहुँच गए।

​प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा शामिल था।

​सरकार और सीजेपी (CJP) के बीच बनी सहमति

​शुरुआती रुझानों में सरकार ने मंत्री के इस्तीफे से इनकार किया था, लेकिन शनिवार दोपहर अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सभी को चौंका दिया।

​धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, सरकार के प्रतिनिधियों—केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह—तथा आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई।

​वार्ता के दौरान सरकार ने आंदोलनकारियों की दो मुख्य माँगों को स्वीकार कर लिया:

​मुआवजा: नीट पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाएगा।

​FIR वापसी: आंदोलन के दौरान देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा।

​माँगें माने जाने के बाद सीजेपी ने आंदोलन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का ऐलान किया, जिसके बाद जंतर-मंतर पर जमा छात्र अपने-अपने घरों को लौटने लगे।

​”राष्ट्र विरोधी ताकतों को रोकने के लिए दिया त्यागपत्र” — धर्मेंद्र प्रधान

​जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्रालय का पद संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर युवाओं के नाम एक भावुक पत्र साझा किया।

​”जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, देश की एकता बनी रहे, और हमारे किसी भी बच्चे का भविष्य कानूनी दांव-पेचों में न उलझे, इसी सोच के साथ मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को सौंपा है। मैं चाहता हूँ कि छात्र अपना पूरा ध्यान पढ़ाई और अपने करियर पर केंद्रित करें।”

— धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व शिक्षा मंत्री

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