विश्वनाथन आनंद बने फिडे (FIDE) के अंतरिम अध्यक्ष: अर्काडी द्वोरकोविच पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद लिया गया फैसला
विश्वनाथन आनंद बने फिडे (FIDE) के अंतरिम अध्यक्ष: अर्काडी द्वोरकोविच पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद लिया गया फैसला
नई दिल्ली: भारतीय शतरंज के दिग्गज और पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह बड़ा बदलाव फिडे के निवर्तमान अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच (रूसी नागरिक) का नाम यूरोपीय संघ (EU) की नवीनतम प्रतिबंध सूची में शामिल होने के बाद हुआ है।
क्यों हटे अर्काडी द्वोरकोविच?
यूक्रेन-रूस युद्ध के मद्देनजर यूरोपीय संघ ने प्रतिबंधों का 21वां पैकेज जारी किया है, जिसमें 48 व्यक्तियों और 170 संस्थाओं को शामिल किया गया है।
अधिकार स्थगित करने का फैसला: प्रतिबंधों के तहत संपत्तियां फ्रीज करने और यात्रा पर रोक जैसे कड़े प्रावधान हैं। द्वोरकोविच ने हालांकि इस फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए कानूनी चुनौती देने की बात कही है, लेकिन उन्होंने संगठन के कामकाज में किसी बाधा से बचने के लिए स्वेच्छा से अपनी शक्तियां व जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं।
फिडे का नियम लागू: फिडे के संविधान के अनुसार अध्यक्ष की अनुपस्थिति में डिप्टी प्रेसिडेंट (उपाध्यक्ष) कमान संभालता है। वर्ष 2022 से फिडे के उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे विश्वनाथन आनंद को इसी नियम के तहत अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चुनाव लड़ने पर आनंद का रुख
फिडे के आगामी अध्यक्ष पद के चुनाव इसी वर्ष सितंबर में उज्बेकिस्तान में 46वें शतरंज ओलंपियाड के दौरान होने वाली जनरल असेंबली में आयोजित किए जाएंगे।
आनंद नहीं लड़ेंगे अध्यक्ष का चुनाव: विश्वनाथन आनंद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पूर्णकालिक अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगे, बल्कि पुनः उपाध्यक्ष पद के लिए ही उम्मीदवारी पेश करेंगे।
चुनावी होड़: कजाकिस्तान शतरंज महासंघ के अध्यक्ष तिमुर तुरलोव भी अध्यक्ष पद की रेस में मुख्य दावेदार के रूप में सामने आए हैं।
विश्वनाथन आनंद की अंतरिम अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो विश्व शतरंज में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
