”श्रमिक केवल श्रमशक्ति नहीं, प्रदेश की विकासशक्ति हैं”: सीएम धामी ने शुरू कीं कई कल्याणकारी योजनाएं, बांटीं मेडिकल वैन
”श्रमिक केवल श्रमशक्ति नहीं, प्रदेश की विकासशक्ति हैं”: सीएम धामी ने शुरू कीं कई कल्याणकारी योजनाएं, बांटीं मेडिकल वैन
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ में पंजीकृत श्रमिकों के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के श्रमिकों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से 2 मेडिकल मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ‘श्रमेव जयते’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रमिकों के लिए शुरू हुईं ये प्रमुख योजनाएं
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य परीक्षण योजना (मेडिकल वैन): दूरस्थ क्षेत्रों में श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही मुफ्त इलाज मिलेगा। वैन में 44 प्रकार की जांचें (एक्स-रे, ईसीजी आदि) पूरी तरह मुफ्त होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों से टेली-कंसल्टेशन और 3 महीने तक हेल्थ मॉनिटरिंग की सुविधा रहेगी। इसकी शुरुआत पौड़ी गढ़वाल और चंपावत से की जा रही है।
मुख्यमंत्री पोषण योजना: श्रमिक परिवारों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए सहायता राशि।
मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना: श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए आवश्यक सामग्री दी जाएगी।
मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम: पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर श्रमिक परिवारों को ‘हाइजीन किट’ का वितरण।
मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना: प्रतिवर्ष 210 बच्चों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त 70 युवाओं को कोर्स पूरा होने के बाद रोजगार से जोड़ा जाएगा।
घर बनाने से लेकर पेंशन तक… सरकार दे रही है आर्थिक सुरक्षा
सीएम धामी ने कहा कि सरकार श्रमिकों को केवल मजदूरी तक सीमित नहीं मानती, बल्कि उनके परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की जिम्मेदारी भी उठाती है।
घर और आजीविका सहयोग: पंजीकृत श्रमिकों को घर खरीदने/बनाने के लिए आर्थिक मदद, काम के लिए औजार, साइकिल और सिलाई मशीनें दी जा रही हैं।
बेटी का विवाह और मातृत्व लाभ: महिला श्रमिकों को गर्भावस्था के दौरान पोषण भत्ता और बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।
वृद्धावस्था पेंशन: बुजुर्ग निर्माण श्रमिकों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था की गई है।
श्रमिकों से सीएम की अपील:
मुख्यमंत्री ने सभी निर्माण श्रमिकों से आग्रह किया कि वे कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण समय पर रिन्यू (नवीनीकृत) कराते रहें, ताकि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में कोई रुकावट न आए।
