मसूरी-देहरादून मार्ग और केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित; कड़ी मशक्कत के बाद खोले गए रास्ते
मसूरी-देहरादून मार्ग और केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित; कड़ी मशक्कत के बाद खोले गए रास्ते
देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण राज्य के कई प्रमुख रास्तों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात ठप पड़ गया। ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी के पास मसूरी-देहरादून मार्ग और केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मलबे के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गए थे, जिन्हें प्रशासन और राहत टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा सुचारू करा दिया है।
1. मसूरी-देहरादून मार्ग: पानी वाले बैंड के पास गिरा विशाल पेड़ व मलबा
घटना: मंगलवार दोपहर बाद मसूरी-देहरादून मार्ग पर ‘पानी वाले बैंड’ के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और एक विशाल पेड़ सड़क पर आ गिरा।
प्रभाव: मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आवश्यक सेवाओं—दूध, सब्जी, दवाइयों की आपूर्ति वाले वाहनों के साथ-साथ पर्यटकों, मरीजों और स्कूली बच्चों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
राहत कार्य: लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे और पेड़ को हटाकर यातायात बहाल कराया।
सुरक्षा पर सवाल: स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि इसी स्थान पर पिछले दिनों भी भूस्खलन हुआ था। बार-बार एक ही स्थान पर मलबा आने से सड़क के स्थायी उपचार और सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
2. केदारनाथ पैदल मार्ग: छौड़ी क्षेत्र में 8 घंटे बाद खुली राह
भूस्खलन से रुकावट: मंगलवार देर रात हुई भारी बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से लगभग 1 किमी आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था: प्रशासन ने तुरंत तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया।
बहाली कार्य: बुधवार सुबह डीडीआरएफ (DDRF), पुलिस और मजदूरों की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर लगभग 8 घंटे की मेहनत के बाद बोल्डरों को हटाया।
यात्रा पुनः शुरू: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग सुचारू कर दिया गया है और तीर्थयात्रियों को कड़ी निगरानी में आगे भेजा जा रहा है।
प्रशासन की अपील और अलर्ट
उत्तराखंड के नदी-नाले उफान पर हैं और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को लगातार बारिश से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि:
मौसम और यातायात की आधिकारिक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें।
अनावश्यक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचें।
आपदा प्रबंधन और राहत टीमों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
