नीट विवाद पर राहुल गांधी का धरना: अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का तंज
नीट विवाद पर राहुल गांधी का धरना: अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का तंज
नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा विवाद और उसके विरोध में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर संसद से सड़क तक राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। दिल्ली में सीजेपी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के समीप अकबर रोड पर अचानक धरना शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
सरकार और राहुल गांधी के बीच वार्ता विफल
धरने की सूचना मिलते ही केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए भेजा गया। सरकार का मकसद सुरक्षा और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नेताओं से धरना समाप्त करने का अनुरोध करना था। हालांकि, डॉ. जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी के बीच हुई वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
मंत्री का दावा: राहुल ने बातचीत के दौरान बदलीं मांगें
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर मुलाकात का ब्यौरा दिया। उनके अनुसार:
पहली मांग: वार्ता की शुरुआत में राहुल गांधी ने शर्त रखी कि यदि सरकार संसद में नीट विवाद और संबंधित आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, तो वे तुरंत धरना खत्म कर देंगे।
सरकार की सहमति: शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी को आश्वस्त किया गया कि सरकार संसद में चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मांग में बदलाव: आश्वासन मिलते ही राहुल गांधी ने अपनी शर्त बदलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अतिरिक्त मांग जोड़ दी और कहा कि अब उनकी दो शर्तें हैं।
जब उन्हें याद दिलाया गया कि वे अपनी पहली बात से बदल रहे हैं, तो राहुल गांधी का रुख था कि यह “उनकी मर्जी” है।
”राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से इस तरह मुकर जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह आचरण लोकतंत्र की मर्यादाओं के पूरी तरह विपरीत है।”
— डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री
’संसद में चर्चा को तैयार सरकार, कांग्रेस ने नहीं दिया कोई औपचारिक नोटिस’
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ विपक्ष सड़कों पर हंगामा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने नीट जैसे गंभीर विषय पर संसद के नियमों के तहत चर्चा कराने का कोई औपचारिक नोटिस तक दाखिल नहीं किया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार नियम के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष का यह व्यवहार लोकतांत्रिक उसूलों के अनुकूल नहीं है।
