PM आवास के बाहर विपक्षी नेताओं का बड़ा प्रदर्शन: राहुल और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे, वार्ता बेनतीजा
PM आवास के बाहर विपक्षी नेताओं का बड़ा प्रदर्शन: राहुल और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे, वार्ता बेनतीजा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में सियासत उफान पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के नजदीक धरने पर बैठ गए हैं।
हालात को देखते हुए लोक कल्याण मार्ग और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पैरा-मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है।
सरकार की वार्ता की कोशिश रही बेनतीजा
विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन धरना स्थल पर पहुंचे।
सरकार का रुख: केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी और संसद में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए धरना खत्म करने का अनुरोध किया।
राहुल गांधी का इनकार: राहुल गांधी ने धरने से उठने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
रातभर धरने का ऐलान: वार्ता बेनतीजा रहने के बाद केंद्रीय मंत्री वापस लौट गए, जिसके बाद कांग्रेस ने ऐलान किया कि वे रातभर प्रधानमंत्री आवास के बाहर ही धरने पर बैठेंगे।
विरोध प्रदर्शन की मुख्य बातें और विपक्ष के आरोप
नायलॉन की रस्सियों से बांधे हाथ: राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी नेताओं ने अपने दोनों हाथों को नायलॉन की रस्सियों से बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सांसदों को हिरासत में लिया गया: मार्च के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई कांग्रेस सांसदों को पुलिस ने हिरासत (Detain) में लिया।
चरणजीत सिंह चन्नी: “यह बीजेपी का आतंकवाद है, वे छात्रों की आवाज नहीं सुन रहे हैं।”
सुखजिंदर सिंह रंधावा: “अगर देश के सांसदों के साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है, तो सोचिए छात्रों के साथ क्या हुआ होगा।”
संसद में बोलने न देने का आरोप: कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने आरोप लगाया कि संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में विपक्ष को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाने नहीं दिया गया, इसीलिए नेताओं को पीएम आवास की तरफ रुख करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा:
”हम कल युवा छात्रों के साथ हुई क्रूरता के लिए PM मोदी से जवाब मांगने उनके घर तक मार्च कर रहे हैं। सरकार कोई जवाबदेही नहीं लेना चाहती और न ही संसद में बहस चाहती है। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।”
