सीजेपी प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दहिया: बर्गर वीडियो पर कार्रवाई
सीजेपी प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दहिया: बर्गर वीडियो पर कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां वापस ले ली हैं। पार्टी ने यह कदम 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस बल प्रयोग के बीच सामने आए विजेता दहिया के एक वीडियो के बाद उठाया, जिसे पार्टी ने ‘अत्यंत असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना’ आचरण माना है।
क्या है विवाद और वायरल वीडियो?
बर्गर आउटलेट का वीडियो: 20 जुलाई को जब जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच तीखी झड़प और लाठीचार्ज चल रहा था, तब विजेता दहिया का पास के एक मॉल स्थित बर्गर किंग (Burger King) आउटलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जनता और कार्यकर्ताओं का आक्रोश: इंटरनेट पर लोगों ने सवाल उठाया कि एक तरफ जहां आंदोलनकारी छात्र और कार्यकर्ता सड़कों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, वहीं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी विरोध स्थल से दूर बर्गर खा रहे थे।
पार्टी (CJP) का आधिकारिक बयान
CJP ने बयान जारी कर अपने ही प्रवक्ता के रवैये की कड़ी निंदा की:
”हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे समय में, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी, उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।”
पार्टी ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल सहायता दी जा रही है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रहेगी।
विजेता दहिया का बचाव और प्रतिक्रिया
विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई दी और आलोचना करने वालों पर पलटवार किया:
थकावट और भूख की बात: उन्होंने कहा कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार आंदोलन के लिए काम कर रहे हैं और दो रातों से सोए नहीं थे।
अधिकार और तंज: दहिया ने कहा, “भूख लगने पर खाना खाना कोई अपराध नहीं है। मुझसे ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं जैसे मैं कोई तनख्वाह लेकर प्रदर्शन कर रहा हूं या जनता ने मुझे चुनकर भेजा है। मैं देश के लिए आंदोलन कर रहा हूं।”
मैदा-ट्रांसफैट का तर्क: उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने बाद में यह सोचकर बर्गर नहीं खाया क्योंकि उसमें मैदा और ट्रांसफैट होता है। उन्होंने माफी मांगने से मना करते हुए कहा, “हां, मैं बर्गर खाऊंगा।”
दहिया के इस अड़ियल और बेपरवाह रवैये से विवाद और बढ़ गया, जिसके चलते अंततः पार्टी ने उन्हें पद से हटाने का फैसला किया।
