पश्चिम बंगाल टीएमसी में छिड़ी वर्चस्व की जंग: ‘शहीद दिवस’ पर आमने-सामने आए अभिषेक बनर्जी और बागी गुट
पश्चिम बंगाल टीएमसी में छिड़ी वर्चस्व की जंग: ‘शहीद दिवस’ पर आमने-सामने आए अभिषेक बनर्जी और बागी गुट
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की दरार अब खुलकर सामने आ गई है। कोलकाता में 21 जुलाई ‘शहीद दिवस’ के मौके पर पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी और बागी गुट के नेताओं ने अलग-अलग रैलियां कर एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए।
हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली हार के बाद टीएमसी दो फाड़ नजर आ रही है, जहाँ एक तरफ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का धड़ा है तो दूसरी तरफ विधायक ऋतब्रत बनर्जी और मदन मित्रा के नेतृत्व वाला बागी गुट।
अभिषेक बनर्जी के संबोधन के मुख्य बिंदु
बागियों की वापसी पर नो-एंट्री की मांग: बिड़ला तारामंडल के पास पार्टी की आधिकारिक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने ममता बनर्जी से अपील की कि मुश्किल वक्त में पार्टी छोड़कर बागी गुट में जाने वाले नेताओं को दोबारा टीएमसी में शामिल न किया जाए।
”जो मां को छोड़ दे, भगवान भी माफ नहीं करता”: उन्होंने कहा कि नेताओं को जो भी राजनीतिक पहचान मिली है, वह ममता बनर्जी की बदौलत है। “जो लोग अपनी मां (पार्टी) को ही छोड़ देते हैं, उन्हें भगवान भी माफ नहीं करते।”
जांच एजेंसियों पर पलटवार: केंद्रीय और राज्यस्तरीय जांच एजेंसियों (ED, CBI, IT, CID, STF) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असली टीएमसी एजेंसियों के दबाव के आगे कभी नहीं झुकेगी। उन्होंने कहा, “अगर मेरा गला भी काट दिया जाए, तो भी मेरे शरीर से ‘जय बांग्ला’ और ‘ममता बनर्जी जिंदाबाद’ ही निकलेगा।”
बागी गुट का तीखा हमला: मदन मित्रा का बयान
जवाहरलाल नेहरू रोड पर बागी खेमे द्वारा आयोजित समानांतर ‘शहीद दिवस’ रैली के मंच से टीएमसी के बागी विधायक मदन मित्रा ने सीधे अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला:
चार्टर्ड फ्लाइट का आरोप: मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने आम कार्यकर्ताओं के चंदे के पैसों से अपने निजी इस्तेमाल के लिए चार्टर्ड विमान खरीदा।
ममता बनर्जी के सामने शर्त: मित्रा ने कहा, “ममता बनर्जी को पहले अभिषेक बनर्जी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए और फिर हमारे पास आना चाहिए। अगर वह ऐसा करती हैं, तो हम उन्हें फिर से अपनी सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार करने को तैयार हैं।”
