इंग्लैंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: राज कुंद्रा को EMV को चुकाने होंगे $4.94 मिलियन, राजस्थान रॉयल्स मामले में भारत में केस करने पर रोक
इंग्लैंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: राज कुंद्रा को EMV को चुकाने होंगे $4.94 मिलियन, राजस्थान रॉयल्स मामले में भारत में केस करने पर रोक
इंग्लैंड और वेल्स के हाई कोर्ट ने बिजनेसमैन राज कुंद्रा को बड़ा झटका देते हुए इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स (EMV) को 4.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर (ब्याज सहित) चुकाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने कुंद्रा और उनकी कंपनी ‘कुकी इन्वेस्टमेंट्स’ को आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स में अपनी पुरानी हिस्सेदारी को लेकर भारत में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई करने से स्थायी रूप से रोक दिया है।
यह फैसला EMV और उसके शेयरधारकों द्वारा राजस्थान रॉयल्स में अपनी बहुमत हिस्सेदारी अरबपति लक्ष्मी मित्तल के परिवार और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के ग्रुप को 1.65 बिलियन डॉलर में बेचने के बाद आया है।
विवाद का मुख्य कारण
यह मामला राजस्थान रॉयल्स में कुंद्रा की पुरानी 11.7% हिस्सेदारी से जुड़ा है। 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईपीएल सट्टेबाजी मामले में दोषी पाए जाने के बाद कुंद्रा फ्रेंचाइजी से बाहर हो गए थे।
कुंद्रा का आरोप: कुंद्रा ने दावा किया कि उन्हें अपनी हिस्सेदारी वास्तविक मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने EMV और इसके सह-संस्थापक मनोज बडाले पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए मुंबई के NCLT और बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।
EMV का पक्ष: EMV का तर्क था कि कुंद्रा ने 2019 में एक सेटलमेंट एग्रीमेंट के तहत 4.94 मिलियन डॉलर स्वीकार किए थे और अपने सभी अधिकार छोड़ दिए थे। इस एग्रीमेंट में स्पष्ट था कि भविष्य का कोई भी विवाद केवल इंग्लैंड की अदालतों के अधिकार क्षेत्र (Exclusive Jurisdiction) में आएगा।
कोर्ट का रुख और फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ग्रिफिथ्स ने निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे:
सबूतों का अभाव: कोर्ट को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि 2015 का शेयर ट्रांसफर एग्रीमेंट या 2019 का सेटलमेंट एग्रीमेंट धोखाधड़ी से हासिल किया गया था। कुंद्रा ने कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में अपनी मर्जी से इन पर हस्ताक्षर किए थे।
एंटी-सूट इंजंक्शन स्थायी: कोर्ट ने जनवरी में जारी ‘एंटी-सूट इंजंक्शन’ को स्थायी कर दिया, जिससे कुंद्रा भारत में मुंबई वाली याचिका या कोई अन्य कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते।
रकम वापसी का आदेश: बार-बार समझौतों का उल्लंघन करने के कारण EMV द्वारा सेटलमेंट एग्रीमेंट खत्म करने को सही ठहराया गया, और कुंद्रा को 4.94 मिलियन डॉलर की पूरी रकम ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया गया।
