जम्मू-कश्मीर में आसमानी आफत: भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन, 11 की मौत
जम्मू-कश्मीर में आसमानी आफत: भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन, 11 की मौत
श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। राज्य के कई हिस्सों में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन के कारण अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन श्री अमरनाथ जी यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों तक घाटी और जम्मू संभाग में भारी बारिश और गरज-चमक का हाई अलर्ट जारी किया है।
पुंछ के सुरनकोट में भारी तबाही; मलबे में दबा परिवार
अधिकारियों के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुआ है:
भूस्खलन की चपेट में आया मकान: रविवार सुबह सुरनकोट के लोअर मुर्राह गांव में भारी भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में तब्दील हो गया, जिससे एक ही परिवार के 8 लोग दब गए। राहत दलों ने मलबे से 5 शव बरामद किए हैं, जिनमें एक 2 साल का मासूम बच्चा सोफियान यासर भी शामिल है। बाकी तीन की तलाश जारी है।
बाढ़ में बहा घर: सांगला गांव में अचानक आई बाढ़ में एक मकान बह गया, जिससे अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम लापता हैं।
राजौरी में बह गईं 200 से अधिक गाड़ियां
राजौरी जिले में धरहल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तबाही का मंजर देखने को मिला। रातभर हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ का पानी राजौरी बस स्टैंड और निचले रिहायशी इलाकों में घुस गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड के पास खड़ी 200 से 250 गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह पानी के तेज बहाव में बह गईं। इसके अलावा, किश्तवाड़ जिले में बादल फटने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई है।
सेना और SDRF का साहसिक रेस्क्यू: बचाई 11 जिंदगियां
भयानक आपदा के बीच भारतीय सेना ने संकटमोचक की भूमिका निभाई। सेना की ‘व्हाइट नाइट कॉर्प्स’ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर राजौरी के थानामंडी और नौशेरा में दो जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए:
चुरुंग गांव (थानामंडी): एक उफनते नाले के पार फंसे 5 बच्चों समेत 9 नागरिकों को सेना के जवानों ने तेज बहाव के बीच से सुरक्षित निकाला।
धनगरी (नौशेरा): नौशेरा तवी नदी के बीच बने एक टापू पर फंसे 17 और 20 साल के दो युवकों को इंजीनियर रेजिमेंट के जवानों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया।
प्रशासनिक मुस्तैदी: दिल्ली दौरा छोड़ लौटे सीएम उमर अब्दुल्ला
हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा छोटा कर रविवार दोपहर ही जम्मू लौट आए। उन्होंने प्रभावित विधायकों और प्रशासन से बात कर स्थिति का जायजा लिया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उधर, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी सभी प्रभावित जिलाधिकारियों को तुरंत राहत और मुआवजा राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने लिया जायजा:
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली और केंद्र सरकार की तरफ से एनडीआरएफ (NDRF) और अन्य हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा पर रोक; यात्री सुरक्षित स्थानों पर रुकें
अमरनाथ यात्रा: पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों ही पारंपरिक मार्गों से अमरनाथ यात्रा पूरी तरह रोक दी गई है। श्रद्धालुओं को बेस कैंपों से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है।
वैष्णो देवी यात्रा: कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने रविवार से यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया है क्योंकि ट्रैक पर कई जगहों पर पानी भर गया है।
प्रशासन की अपील: जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जम्मू, उधमपुर और रामबन में बनाए गए सरकारी आवास केंद्रों में ही ठहरें और आगामी आदेश का इंतजार करें।
23 जुलाई तक हाई अलर्ट, नदियां उफान पर
मौसम विभाग ने 19 से 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। विशेष रूप से जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मनावर और धरहल जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर आम जनता और पर्यटकों को नदियों, पहाड़ी नालों और संवेदनशील ढलानों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा न करने की सख्त हिदायत दी है।
