हिमाचल के किन्नौर में फटा नाला: सांगला-छितकुल मार्ग बंद, ITBP कैंप खतरे में; 20-21 जुलाई को भारी बारिश का रेड अलर्ट
हिमाचल के किन्नौर में फटा नाला: सांगला-छितकुल मार्ग बंद, ITBP कैंप खतरे में; 20-21 जुलाई को भारी बारिश का रेड अलर्ट
रिकोंग पियो: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर में मौसम ने एक बार फिर रौद्र रूप दिखाया है। शनिवार शाम करीब 5 बजे सांगला वैली में मस्तरंग के पास ग्रागा नाले में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई। इस बाढ़ के साथ भारी मात्रा में मिट्टी, मलबा और बड़े-बड़े पत्थर बहकर नीचे आ गए, जिससे सांगला-छितकुल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात ठप है।
इस मलबे की चपेट में आने से पास ही स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) कैंप का आवासीय परिसर भी खतरे की जद में आ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हादसे में अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए है और सड़क बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: 20 और 21 जुलाई को महासंकट (रेड अलर्ट)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश में 22 जुलाई तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई के लिए राज्य में रेड अलर्ट घोषित किया है।
अत्यधिक भारी बारिश वाले जिले: कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, सिरमौर, सोलन, ऊना और बिलासपुर में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
20-21 जुलाई की स्थिति: इन दो दिनों में चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। इसके अलावा कुल्लू, शिमला, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
जनजातीय क्षेत्र: किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भी मध्यम से भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।
22 जुलाई का पूर्वानुमान: कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला में 22 जुलाई को भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन और मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरी
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा चरम पर है। इसे देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
नदी-नालों से दूर रहें: स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी, नालों और अन्य जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
यात्रा और ट्रैकिंग पर रोक: संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें। ट्रेकिंग और अन्य बाहरी गतिविधियों को फिलहाल पूरी तरह टाल दें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
यातायात नियमों का पालन: वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा के भीतर रहने और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।
