देहरादून में लाउडस्पीकरों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 43 धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर, मुस्लिम संगठनों ने किया प्रदर्शन
देहरादून में लाउडस्पीकरों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 43 धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर, मुस्लिम संगठनों ने किया प्रदर्शन
देहरादून: सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए देहरादून पुलिस ने नियमों के विपरीत और बिना अनुमति के संचालित हो रहे लाउडस्पीकरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से विभिन्न धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के दौरान निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में बजने वाले और बिना वैध अनुमति के लगाए गए लाउडस्पीकरों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया।
43 धार्मिक स्थलों पर हुई कार्रवाई, दी गई चेतावनी
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत देहरादून के अलग-अलग क्षेत्रों में बिना अनुमति और तय मानकों के उल्लंघन में संचालित 43 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। पुलिस टीमों ने मौके पर मौजूद प्रबंध समितियों को भविष्य में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में दोबारा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत कड़ी विधिक (कानूनी) कार्रवाई की जाएगी।
मुस्लिम संगठनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, पक्षपात का लगाया आरोप
दूसरी तरफ, मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के विरोध में एक समुदाय विशेष के लोगों ने जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ‘मुस्लिम सेवा संगठन’ के अध्यक्ष नईम कुरैशी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल एक ही धर्म या समुदाय को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मस्जिदों में अज़ान के लिए दिनभर में सिर्फ 10 से 15 मिनट के लिए ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जाता है, और उसकी आवाज भी पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा तय मानकों के भीतर ही रखी जाती है। उन्होंने मांग की कि यदि ध्वनि प्रदूषण को लेकर कोई शिकायत थी, तो सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले मस्जिद की प्रबंध समिति या शहर काजी को सूचित किया जाना चाहिए था ताकि वे खुद मानकों के अनुरूप सुधार कर लेते।
’पहले पुलिस गाड़ियों से हटाए हूटर’
प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम संगठन के नेताओं ने प्रशासन की गाड़ियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां और खुद पुलिस की गाड़ियों में बजने वाले हूटर भी ध्वनि मानकों के विपरीत हैं, इसलिए पुलिस को सबसे पहले अपनी गाड़ियों से हूटर हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और एकतरफा कार्रवाई नहीं रुकी, तो वे बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
