पीवी सिंधु ने रचा इतिहास: अकाने यामागुची को हराकर जीता जापान ओपन का खिताब, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
पीवी सिंधु ने रचा इतिहास: अकाने यामागुची को हराकर जीता जापान ओपन का खिताब, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
टोक्यो: भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 टूर्नामेंट में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान देश (जापान) की दिग्गज शटलर अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ ही सिंधु जापान ओपन का प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। लगभग 2 साल के लंबे इंतजार के बाद सिंधु बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड टूर के किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में उतरी थीं, जहां उन्होंने खिताबी जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने साल 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था।
उतार-चढ़ाव से भरे मैच में सिंधु ने बनाए रखी लय
फाइनल मुकाबले में दोनों ही खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन सिंधु ने पूरे मैच में अपना धैर्य और लय नहीं खोई। पहले सेट की शुरुआत में जापानी खिलाड़ी यामागुची ने दबाव बनाया और एक समय सिंधु 11-9 से पीछे चल रही थीं। इसके बाद भारतीय स्टार ने जबरदस्त वापसी की और लगातार अंक बटोरते हुए पहला सेट 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में सिंधु ने शुरुआती पलों से ही यामागुची पर दबाव बना कर रखा और उन्हें वापसी का कोई खास मौका नहीं दिया। हालांकि, यामागुची ने घरेलू दर्शकों के बीच वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सिंधु के आक्रामक खेल के आगे उनकी एक न चली। सिंधु ने दूसरा सेट भी 21-17 से जीतकर महज 50 मिनट के भीतर मुकाबला खत्म कर दिया और चैंपियन बनीं।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को दी थी शिकस्त
इस टूर्नामेंट में सिंधु का सफर बेहद शानदार रहा। सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना चीन की दिग्गज खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई से हुआ था। सिंधु ने उस मुकाबले के पहले सेट को 21-19 से जीत लिया था, जबकि दूसरे सेट में जब वह 15-10 से आगे चल रही थीं, तब चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मैच से हट गईं और सिंधु फाइनल में पहुंच गईं। इससे पहले क्वार्टर फाइनल मैच में भी सिंधु को वॉकओवर मिला था।
रैंकिंग में सुधार और एशियन गेम्स के लिए बढ़ीं उम्मीदें
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत से पीवी सिंधु को बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड रैंकिंग में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, इस साल होने वाले एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले सिंधु की यह लाजवाब फॉर्म भारतीय प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जिससे अब एशियन गेम्स में उनके पदक जीतने की संभावना काफी मजबूत हो गई है।
