उत्तराखंड

उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा का भव्य शुभारंभ: CM धामी ने दिखाई हरी झंडी; ₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की दी सौगात

उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर यात्रा का भव्य शुभारंभ: CM धामी ने दिखाई हरी झंडी; ₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की दी सौगात

​टनकपुर (चम्पावत): देवभूमि उत्तराखंड से संचालित होने वाली पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार (05 जुलाई 2026) को टनकपुर से विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया और मंगलमय यात्रा की कामना की।

​मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों के चलते यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है, जिससे सीमांत जनपद चम्पावत में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भारी बढ़ावा मिला है।

​”कैलाश यात्रा केवल धार्मिक नहीं, राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक”

​इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

​”कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही इस पवित्र यात्रा का अवसर मिलता है। शिव में अटूट विश्वास ही यात्रा की सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है।”

​उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद कर सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का भी आह्वान किया।

​प्रथम दल में 13 राज्यों के 49 श्रद्धालु शामिल

​शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार के अनुसार, प्रथम दल में एक चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं। यह दल भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है, जिसमें आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित देश के 13 राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं।

​सबसे वरिष्ठ श्रद्धालु: राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल।

​सबसे युवा श्रद्धालु: गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा।

​दल के चिकित्सक: तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार।

​₹65.95 करोड़ की बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का शिलान्यास

​कैलाश यात्रा को रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री धामी चम्पावत के बूमघाट पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

​₹60.21 करोड़ की लागत: बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) का निर्माण कार्य।

​₹5.74 करोड़ की लागत: पूर्णागिरी तहसील के छीनीगोठ ग्राम की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण।

​परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है।

​सेवा पखवाड़ा: स्टॉल पर महिलाओं संग बनाई रोटी-चटनी

​बूमघाट कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का कुमाऊँनी टोपी, पारंपरिक छोलिया नृत्य और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहां चल रहे ‘सेवा पखवाड़े’ के अंतर्गत लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों (कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, समाज कल्याण आदि) का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया।

​इस दौरान महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बेहद सादगी के साथ स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी और चटनी तैयार की, जिसे देख वहां मौजूद लोग भावविभोर हो उठे। स्वास्थ्य शिविर में उन्होंने निक्षय योजना के तहत 5 लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की।

​चम्पावत के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं:

​मुख्यमंत्री ने चम्पावत को मॉडल जिला बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कई बड़ी विकास योजनाओं की प्रगति साझा की:

​शारदा कॉरिडोर परियोजना: लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से टनकपुर से बनबसा तक ‘शारदा रिवर फ्रंट’ सहित धार्मिक व पर्यटन स्थलों का विकास।

​महिला स्पोर्ट्स कॉलेज: बेटियों के लिए ₹257 करोड़ की लागत से विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं।

​आधुनिक साइंस सेंटर: ₹58.52 करोड़ की लागत से निर्माण।

​टनकपुर आधुनिक आईएसबीटी (ISBT): ₹237.74 करोड़ की लागत से निर्माण जारी।

​अन्य कार्य: लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवास, बनबसा में सैनिक स्मारक और ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण।

​मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, गोल्ज्यू कॉरिडोर और माँ वाराही धाम का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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