राजनीति

राम मंदिर चंदा विवाद पर उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला: महाराष्ट्र में राज्यव्यापी आंदोलन का एलान, कहा- “राम का नाम लेकर मंदिरों को लूट रहे हैं”

राम मंदिर चंदा विवाद पर उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला: महाराष्ट्र में राज्यव्यापी आंदोलन का एलान, कहा- “राम का नाम लेकर मंदिरों को लूट रहे हैं”

​मुंबई: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे और आभूषणों में कथित गड़बड़ी का मामला अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को लेकर पूरे महाराष्ट्र में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। इस आंदोलन का शंखनाद मुंबई के दादर स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से किया गया।

​इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और शिवसैनिकों के साथ ‘राम रक्षा’ स्तोत्र, ‘हनुमान स्तोत्र’ और ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ किया। महाआरती के बाद शिवसैनिकों ने राम मंदिर दान चोरी मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

​”हम भोले-भाले हिंदू हैं, बेवकूफ नहीं”

​बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा:

​”हम निडर, मासूम और देश से प्यार करने वाले सच्चे हिंदू हैं। बालासाहेब ठाकरे ने सभी हिंदुओं को एकजुट किया था। हम भोले-भाले जरूर हैं, लेकिन बेवकूफ नहीं। अगर कोई हिंदुत्व का दुरुपयोग कर हमारे आराध्य के मंदिर को लूटेगा, तो देश का हिंदू उसे कभी माफ नहीं करेगा।”

​उन्होंने आगे कहा कि जो लोग ‘अयोध्या तो बस एक झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’ का नारा देते हैं, मुझे चिंता है कि अगर अयोध्या में यह हाल है, तो वे काशी और मथुरा का क्या हाल करेंगे? जो लोग हिंदुओं के नाम पर चुनाव जीते, आज वही मंदिरों की लूट में शामिल हैं।

​”हमारा धनुष-बाण चुराया, अब हनुमान की मशाल से लंका जलेगी”

​उद्धव ठाकरे ने रामायण का संदर्भ देते हुए सरकार को चेतावनी दी और कहा कि अगर सत्ता में बैठे लोगों ने राम भक्तों की ताकत को नहीं समझा है, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि राम जी के साथ आए वानरों ने ही लंका जलाई थी।

​विपक्षियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा:

​”उन्होंने हमसे श्रीराम का ‘धनुष-बाण’ (चुनावी प्रतीक) चुरा लिया, लेकिन अब हमारे पास हनुमान जी की ‘मशाल’ है। जो लोग राम का नाम लेकर मंदिरों को लूट रहे हैं, वे भगवा रंग पहनने के लायक भी नहीं हैं। अगर वे सच्चे हिंदू हैं, तो उन्हें भी राम रक्षा का पाठ करने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए।”

​चंदे और आभूषणों पर उठाए गंभीर सवाल

​शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने अन्य धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पहले गुरुओं ने सोने की चोरी की बात कही थी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर जमीन हड़पने के आरोप लगे और बद्रीनाथ में भी चोरी की बातें सामने आईं।

​उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा:

​”शिवसेना ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और एक चांदी की ईंट दी थी, आज वह कहां है? ये लोग उन मासूम हिंदुओं की आस्था को लूट रहे हैं जो अपनी मेहनत की कमाई भगवान के चरणों में चढ़ाते हैं। मैं सभी हिंदुओं से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और जहां भी संभव हो, आरतियां और पाठ करें। जब तक इस चोरी के असली जिम्मेदार सामने नहीं आते, तब तक शांत न बैठें। आइए, इन चोरों को ‘तड़ीपार’ करें।”

​इतिहास की दिलाई याद

​उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने केवल राम मंदिर के एजेंडे पर चुनाव जीतने का काम किया है, जबकि मंदिर आंदोलन के लिए सबसे ज्यादा जमीनी काम शिवसैनिकों ने किया था। उन्होंने याद दिलाया कि जब मुंबई में दंगे हुए थे, तब केवल बालासाहेब ठाकरे ही हिंदुओं की रक्षा के लिए ढाल बनकर खड़े हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से जिनके लिए काम किया गया, वे प्रधानमंत्री तो बन गए, लेकिन अब ‘अफजल खान’ की तरह वे कट्टर हिंदू विचारों वाली शिवसेना को ही खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

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