गोल्डन टेंपल में नया विवाद: CM भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान-पत्रों पर SGPC को आपत्ति, श्रद्धालुओं के गले से उतरवाए कार्ड
गोल्डन टेंपल में नया विवाद: CM भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान-पत्रों पर SGPC को आपत्ति, श्रद्धालुओं के गले से उतरवाए कार्ड
अमृतसर: अमृतसर स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल ‘गोल्डन टेंपल’ (श्री हरमंदर साहिब) में रविवार को एक नया विवाद खड़ा हो गया। पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचे थे। इस दौरान कई श्रद्धालु अपने गले में मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान-पत्र (ID Cards) पहने हुए थे, जिन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले ही हटवा दिया गया।
SGPC ने जताई कड़ी आपत्ति, बताया ‘मर्यादा के खिलाफ’
गोल्डन टेंपल परिसर में तैनात शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सेवादारों और स्वयंसेवकों ने इन पहचान-पत्रों को देखते ही इस पर कड़ी आपत्ति जताई। एसजीपीसी के सेवादारों का तर्क था कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को ‘पंथ दोखी’ (धर्म विरोधी) घोषित किया जा चुका है, इसलिए उनकी तस्वीर या लॉकेट पहनकर गुरु घर के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस निर्देश के बाद सेवादारों ने सभी श्रद्धालुओं के गले से वे पहचान-पत्र उतरवाए, जिसके बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया।
आज बुलाई गई ‘पंथिक सभा’
इस घटना के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने रविवार को एक आपातकालीन ‘पंथिक सभा’ बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उसके बाद उपजी संवेदनशील स्थिति पर विस्तार से चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना है।
क्यों गहराया SGPC और मुख्यमंत्री के बीच विवाद?
धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को एसजीपीसी और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच चल रहे हालिया गतिरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, बीते 15 जून को सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ‘श्री अकाल तख्त साहिब’ ने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान को दोषी ठहराया था। अकाल तख्त साहिब ने उन पर धार्मिक मंच से झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्हें आधिकारिक रूप से ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया था। इसी धार्मिक आदेश का हवाला देकर अब एसजीपीसी मुख्यमंत्री की तस्वीरों वाले कार्ड्स का विरोध कर रही है।
