Friday, July 3, 2026
उत्तराखंड

मसूरी में विश्वस्तरीय मेट्रो रोपवे परियोजना की तैयारी तेज; सचिव आवास ने किया टर्मिनल स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण

मसूरी में विश्वस्तरीय मेट्रो रोपवे परियोजना की तैयारी तेज; सचिव आवास ने किया टर्मिनल स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण

​देहरादून: पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या और यातायात (जाम) के दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित ‘मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना’ को लेकर उत्तराखंड सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, जिला प्रशासन और नगर पालिका मसूरी के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित रोपवे टर्मिनल स्टेशनों और संबंधित भूमि का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया.

​लाइब्रेरी चौक से लेकर लाल टिब्बा तक रूट का आकलन

​सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने मसूरी के कई प्रमुख और प्रस्तावित स्थलों का बारीकी से जायजा लिया:

​लाइब्रेरी चौक पर चर्चा: मार्ग का प्रमुख हिस्सा लाइब्रेरी चौक क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसके मद्देनजर उपलब्ध भूमि की संभावनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श किया गया.

​टर्मिनल स्टेशनों का निरीक्षण: टीम ने पिक्चर पैलेस (चिक चॉकलेट) और मॉल रोड स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के निकट प्रस्तावित रोपवे टर्मिनल स्टेशनों के संभावित स्थानों का निरीक्षण किया. यहाँ यात्रियों की आवाजाही, पहुंच मार्ग, सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर चर्चा हुई.

​भनौत एस्टेट और लाल टिब्बा: इसके बाद आईएनआई डिस्पेंसरी, भनौत एस्टेट और नहाटा एस्टेट (लाल टिब्बा) में प्रस्तावित अपर रोपवे टर्मिनल स्टेशन के आसपास के चार दुकानों वाले क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखा गया.

​चार दुकान क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान तलाशने के निर्देश

​निरीक्षण के दौरान सचिव आवास ने पाया कि चिक चॉकलेट/चार दुकान क्षेत्र में प्रस्तावित स्टेशन के लिए उपलब्ध स्थान काफी सीमित है और वहां की भौगोलिक परिस्थितियां भी काफी चुनौतीपूर्ण हैं. इसके मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

​स्टेशन के लिए अधिक सुरक्षित और उपयुक्त वैकल्पिक स्थान (Alternative Location) का चयन किया जाए.

​भू-तकनीकी (जियो-टेक्निकल) अध्ययन के आधार पर एक नया प्रस्ताव तैयार किया जाए ताकि भविष्य में कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी समस्या न हो.

​पर्यावरण और पर्यटन के बीच बनेगा संतुलन

​निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना को विकसित करते समय मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यावरणीय संतुलन और इसकी ऐतिहासिक पहचान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को निर्माण कार्य के दौरान सभी पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन करने और इसे पूरी तरह पर्यटन हितैषी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

​परियोजना से होने वाले लाभ:

इस मेट्रो रोपवे परियोजना के शुरू होने से पर्यटन सीजन के दौरान पहाड़ों पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी. इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का जरिया मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति मिलेगी.

​निरीक्षण दल में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे शामिल

​इस व्यापक स्थलीय निरीक्षण के दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ब्रिजेश कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी (SDM) मसूरी राहुल आनंद, संयुक्त महाप्रबंधक (सिविल) जय नंदन सिन्हा, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, रेंज अधिकारी महेंद्र नेगी सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ और सर्वेयर मौजूद रहे.

​”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना यहां के यातायात दबाव का एक दीर्घकालिक समाधान है. हमारा प्रयास है कि यह परियोजना तकनीकी रूप से मजबूत और सुरक्षित हो ताकि मसूरी की प्राकृतिक पहचान भी अक्षुण्ण बनी रहे.” – डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *