Friday, July 3, 2026
राजनीति

अमित शाह से मिले कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब में सियासी अटकलें तेज; रंधावा ने दी सफाई

अमित शाह से मिले कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब में सियासी अटकलें तेज; रंधावा ने दी सफाई

​नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद पंजाब के सियासी गलियारों में अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है. चर्चाएं तेज हैं कि क्या पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले रंधावा कांग्रेस छोड़कर बीजेपी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, रंधावा ने इन कयासों को पूरी तरह खारिज किया है.

​कांग्रेस की नई टीम से नाराजगी की चर्चा

​राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि रंधावा हाल ही में घोषित पंजाब कांग्रेस की नई टीम से खुश नहीं हैं. दो दिन पहले गठित की गई इस टीम में रंधावा को कोर कमेटी का प्रमुख बनाया गया है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, रंधावा इस भूमिका से नाखुश हैं. रंधावा का मानना है कि पंजाब में इतनी लंबी बैठकों के दौर के बाद भी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई.

​बीजेपी में जाने के कयासों पर रंधावा का खंडन

​बीजेपी में शामिल होने की खबरों का खंडन करते हुए रंधावा ने स्पष्ट किया कि उनकी यह मुलाकात पूरी तरह से पंजाब की सुरक्षा और सीमापार की गतिविधियों से जुड़ी थी. हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह के बीच इस मुलाकात की टाइमिंग बेहद दिलचस्प है. गौरतलब है कि रंधावा कांग्रेस के बेहद कद्दावर नेता हैं और राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान वे पार्टी के प्रभारी भी रह चुके हैं.

​अमित शाह से मुलाकात पर रंधावा ने क्या कहा?

​रंधावा ने गृह मंत्री से मुलाकात की वजहों को साफ करते हुए बताया कि वे पंजाब के सीमावर्ती जिलों की गंभीर स्थिति को लेकर गृह मंत्री से मिले थे:

​पीएम और गृह मंत्री को लिखा था पत्र: रंधावा के मुताबिक, उन्होंने करीब दो महीने पहले 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था, जिसकी कॉपी गृह मंत्री को भी भेजी गई थी. इसके बाद 23 जून को एक और पत्र भेजा गया. इन पत्रों में गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों के बिगड़ते हालात का जिक्र था.

​राष्ट्रीय सुरक्षा और नार्को-टेररिज्म का मुद्दा: पत्र में पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और राजनेताओं के बीच सांठ-गांठ और पंजाब पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया गया था.

​गैंगस्टर्स और जेलों से जबरन वसूली: रंधावा ने गृह मंत्री को अपने इलाके में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टरों और जेलों के अंदर से लगातार हो रहे मोबाइल फोन के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आज पूरे पंजाब में जबरन वसूली और धमकियां आम हो चुकी हैं.

​”मीटिंग के दौरान गृह मंत्री ने भी माना कि पंजाब में बड़े पैमाने पर जबरन वसूली हो रही है और जेलों से मोबाइल चलाए जा रहे हैं. मैंने आईबी (IB), एमआई (MI), रॉ (RAW) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी की आवश्यकता पर जोर दिया. अगर भारत सरकार यह मानती है कि मौजूदा हालात राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और पाकिस्तान इसमें सीधे दखल दे रहा है, तो वह अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती.” – सुखजिंदर सिंह रंधावा

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