ई-रिक्शा के पहिये जाम, BAT-BMS इकलौता ऐप नहीं; रियलिटी चेक में नई समस्या भी सामने आई
ई-रिक्शा के पहिये जाम, BAT-BMS इकलौता ऐप नहीं; रियलिटी चेक में नई समस्या भी सामने आई
नई दिल्ली/लखनऊ: ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों के लिए मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। हाल ही में कई शहरों में ई-रिक्शा के पहिये अचानक जाम हो जाने की शिकायतें बढ़ गई हैं, जिससे सड़क पर फंसकर यातायात बाधित होने और दुर्घटनाओं का खतरा मंडराने लगा है।
चालकों का कहना है कि तेज गति या लंबे समय तक चलाने पर पहियों में लॉकिंग हो जाती है, जिससे ब्रेकिंग सिस्टम भी प्रभावित होता है। कई मामलों में रिक्शा को धक्का देकर ही आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
BAT-BMS अकेला नहीं, और भी ऐप्स में गड़बड़ी
पहिए जाम होने की समस्या को शुरू में BAT-BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप से जोड़ा जा रहा था। इस ऐप को बैटरी चार्जिंग, वोल्टेज मॉनिटरिंग और ओवरलोडिंग रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब रियलिटी चेक में सामने आया है कि BAT-BMS इकलौता दोषी नहीं है।
कई अन्य बैटरी मॉनिटरिंग ऐप्स और कंट्रोलर सॉफ्टवेयर में भी समान कमियां पाई गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सॉफ्टवेयर अपडेट की कमी, सस्ते चाइनीज कंपोनेंट्स और ओवरलोडिंग के कारण ये समस्याएं बढ़ रही हैं।
रियलिटी चेक में नई बला
स्थानीय स्तर पर किए गए रियलिटी चेक और मैकेनिक्स की जांच में नई समस्या भी उभरकर सामने आई है। कुछ ई-रिक्शा मॉडल्स में वायरिंग हार्नेस और मोटर कनेक्शन ढीले पड़ने के कारण शॉर्ट सर्किट हो रहा है, जो पहियों को जाम करने का एक बड़ा कारण बन रहा है।
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि बिना स्टैंडर्डाइजेशन के बाजार में आने वाले ई-रिक्शा वाहनों की संख्या बढ़ने से गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
चालकों की मांग:
सभी ई-रिक्शा पर अनिवार्य सॉफ्टवेयर अपडेट
बेहतर क्वालिटी कंट्रोल
नियमित मैकेनिकल चेकअप
परिवहन विभाग ने कहा है कि जल्द ही इस मामले पर बैठक बुलाकर समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल चालकों को सलाह दी गई है कि ओवरलोडिंग से बचें और नियमित रखरखाव कराएं।
यह समस्या न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि लखनऊ, कानपुर, पटना समेत कई शहरों में देखी जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द कार्रवाई की जरूरत है।
