Friday, July 3, 2026
राजनीति

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से संभव: महिला आरक्षण और ‘पीएम-सीएम जेल’ जैसे बड़े बिल ला सकती है सरकार

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से संभव: महिला आरक्षण और ‘पीएम-सीएम जेल’ जैसे बड़े बिल ला सकती है सरकार

​नई दिल्ली: संसद का आगामी मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार यह सत्र तीन सप्ताह तक चल सकता है. हालांकि, संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. आमतौर पर चार सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में 20 बैठकें होती हैं, लेकिन इस बार बैठकों की संख्या कम होने का अनुमान है.

​पश्चिम बंगाल, असम और पुदुच्चेरी में बीजेपी की जीत और कई विपक्षी दलों में जारी अंदरूनी कलह के बीच यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं. राजनीतिक गलियारों में आए बड़े बदलावों के कारण राज्यसभा के साथ-साथ लोकसभा में भी सत्तापक्ष का समीकरण काफी मजबूत हो गया है.

​विपक्षी दलों में बड़ी टूट: स्पीकर लेंगे अलग गुट पर फैसला

​सत्र की शुरुआत से पहले राजनीतिक समीकरणों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है:

​टीएमसी (TMC): पार्टी के 20 सांसदों ने एनडीए (NDA) को समर्थन देने का ऐलान किया है.

​शिवसेना यूबीटी: उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद मुख्यमंत्री शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं.

​आम आदमी पार्टी (AAP): राघव चड्ढा समेत सात सांसद पहले ही बीजेपी के साथ आ चुके हैं.

​एनसीपी (SP): शरद पवार के गुट में भी बड़ी टूट के कयास लगाए जा रहे हैं.

​लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को टीएमसी के 20 और शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता देने के प्रस्ताव पर फैसला करना है. जानकारों का मानना है कि सत्र शुरू होने से पहले ही इस पर फैसला आ सकता है, जिससे दोनों सदनों में सरकार की स्थिति और मजबूत हो जाएगी.

​महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक 2029 फिर होगा पेश

​पिछले सत्र में लोकसभा में जरूरी संख्या बल न होने के कारण महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक गिर गया था. अब मजबूत स्थिति को देखते हुए सरकार महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक 2029 को दोबारा लोकसभा में पेश कर सकती है.

​सरकार इस विधेयक का मसौदा नए सिरे से तैयार कर रही है, जिसमें सभी राज्यों की लोकसभा सीटों को 50 फीसदी बढ़ाने का प्रावधान किया जा सकता है. दरअसल, दक्षिण भारतीय राज्यों को चिंता थी कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने से संसद में उनका प्रतिनिधित्व कमजोर हो जाएगा. इसी विवाद को सुलझाने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का यह फार्मूला लाया जा सकता है.

​’पीएम-सीएम जेल’ और ‘एक देश एक चुनाव’ जैसे कड़े कानून लाने की तैयारी

​इस मॉनसून सत्र में सरकार कई अन्य महत्वपूर्ण और कड़े विधेयक पेश करने की योजना बना रही है:

​पीएम-सीएम कुर्सी संशोधन बिल: इसके तहत ऐसे प्रावधान किए जा सकते हैं जिससे सजा होने की स्थिति में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की कुर्सी तुरंत छीन ली जाएगी. साथ ही कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए अन्य सिफारिशें भी शामिल होंगी.

​एक देश एक चुनाव बिल: इस महत्वाकांक्षी विधेयक को पारित कराने के लिए भी सरकार पूरा जोर लगा सकती है.

​अन्य प्रमुख बिल: इसके अलावा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, एफसीआरए (FCRA) बिल और एंटी डोपिंग बिल भी संसद के पटल पर रखे जा सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *