Friday, July 3, 2026
राष्ट्रीय

ई-रिक्शा हैक करने वाले 7 चीनी ऐप्स पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन; प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाने का आदेश

ई-रिक्शा हैक करने वाले 7 चीनी ऐप्स पर केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन; प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटाने का आदेश

​नई दिल्ली: दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में ब्लूटूथ के जरिए सड़क पर चलते ई-रिक्शा को रिमोटली (दूर बैठे) बंद करने और उनकी बैटरी हैक करने का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है. लगातार मिल रही शिकायतों और चालकों की परेशानी को देखते हुए भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बड़ा एक्शन लिया है. सरकार ने गूगल प्ले स्टोर (Android Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) से सात मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है, जिनमें ‘BAT BMS’, ‘SMART BMS’, ‘LOSSIGY’ और ‘Epoch Li-ion’ जैसे ऐप्स शामिल हैं.

​MeitY के सेक्रेटरी ने की कार्रवाई की पुष्टि

​इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने सीआईआई (CII) साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान ‘NDTV Profit’ से बात करते हुए इस कार्रवाई की पुष्टि की. उन्होंने कहा:

​”यह सही है… कुछ ऐप्स हमारे ध्यान में आए थे और उन दोनों (प्रमुख ऐप्स) को ही ऐप स्टोर से हटा दिया गया है. सरकार ऐप स्टोर्स के साथ इस मुद्दे पर लगातार बात करेगी ताकि यह पक्का किया जा सके कि नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे ऐप्स पब्लिक डोमेन में दोबारा न आएं.”

​क्या है पूरा मामला और कैसे हो रही थी हैकिंग?

​दरअसल, ‘BAT BMS’ और ‘Epoch Li-ion’ जैसे ऐप्स बुनियादी तौर पर लिथियम-आयन बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स हैं. ये ब्लूटूथ के जरिए पास की कंपैटिबल बैटरियों से वायरलेस तरीके से जुड़ जाते हैं.

​हैकिंग का आसान तरीका: सोशल मीडिया पर ‘प्रैंक’ (मजाक) के नाम पर लोग इन ऐप्स को डाउनलोड कर रहे थे. ऐप खोलकर ब्लूटूथ के जरिए पास के ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट करते थे और सिर्फ एक टैप से ‘डिस्चार्ज स्विच’ चालू करके गाड़ी का पावर आउटपुट काट देते थे.

​ड्राइवर की बेबसी: एक बार ऐप से गाड़ी बंद होने के बाद ड्राइवर तब तक ई-रिक्शा दोबारा चालू नहीं कर सकता था, जब तक कि उसी ऐप से उसे फिर से ऑन न किया जाए. सुरक्षा व्यवस्था (पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन) न होने के कारण कोई भी अनजान व्यक्ति इस कंट्रोल फीचर का दुरुपयोग कर रहा था.

​’मजाक’ के चक्कर में ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर संकट

​सोशल मीडिया (जैसे इंस्टाग्राम) पर वायरल हुए वीडियो में कई चालक बीच सड़क पर बेबसी में रोते और बुरी तरह परेशान नजर आए. सभी ड्राइवरों के पास स्मार्टफोन या नए ऐप्स को समझने की तकनीकी जानकारी नहीं होती. ऐसे में गाड़ी को लोकल मैकेनिक के पास ले जाने में उनकी पूरे दिन की कमाई चली जाती थी.

​न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने अपना एक अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने एक बेबस ड्राइवर को अपना रिक्शा दूसरे रिक्शे से बांधकर खींचते देखा. अमान ने शक होने पर अपनी गाड़ी पीछे लगाई और अपने फोन के ऐप से उस रिक्शे की बैटरी को कनेक्ट कर उसे दोबारा ऑन किया. भावुक होकर ड्राइवर ने बताया कि रिक्शा किराए का था और गाड़ी बंद रहने के कारण उसे उस दिन 400 से 500 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था.

​दिल्ली सरकार ने सुरक्षा चूक को लेकर क्या कहा?

​दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, इन ऐप्स का मुख्य उद्देश्य बैटरी के पैरामीटर जैसे वोल्टेज, तापमान और करंट को रियल-टाइम में मॉनिटर करना है. लेकिन इन बैटरियों के सिस्टम में मजबूत पासवर्ड प्रोटेक्शन या सही ऑथेंटिकेशन न होने के कारण इसके कंट्रोल फंक्शन का गलत इस्तेमाल बहुत आसान हो गया था, जिसे अब सरकार के इस कड़े आदेश के बाद रोका जा सकेगा.

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