‘पनामा नहर देकर अमेरिका ने की बड़ी गलती’, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर उठाए 1999 के फैसले पर सवाल
‘पनामा नहर देकर अमेरिका ने की बड़ी गलती’, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर उठाए 1999 के फैसले पर सवाल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पनामा नहर (Panama Canal) को लेकर तीखी टिप्पणी की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को कभी भी इस रणनीतिक (स्ट्रैटेजिक) जलमार्ग का नियंत्रण पनामा को नहीं सौंपना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि नियंत्रण मिलने के बाद पनामा ने जहाजों से वसूली जाने वाली ट्रांजिट फीस कई गुना बढ़ा दी है और अब चीन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
”पनामा नहर देना अमेरिका की बहुत बड़ी भूल”
नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में ‘थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी’ के उद्घाटन कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक फैसले की आलोचना की।
फीस में भारी बढ़ोतरी: ट्रंप का दावा है कि पनामा ने नहर से गुजरने वाले जहाजों की ट्रांजिट फीस को पहले 4 गुना बढ़ाया और बाद में इसे और ज्यादा बढ़ा दिया।
रिकॉर्ड कमाई: उन्होंने कहा कि फीस बढ़ने के बावजूद जहाजों के आवागमन में कोई कमी नहीं आई, जिससे पनामा ने कई वर्षों तक इस नहर के जरिए भारी-भरकम कमाई की है।
चीन को लेकर दी कड़ी चेतावनी
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी वैश्विक मंच पर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा:
”अब चीन पनामा नहर पर अपना नियंत्रण स्थापित करने या कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन हम (अमेरिका) ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे।”
1999 में पनामा को मिला था पूरा नियंत्रण
गौरतलब है कि साल 1977 में हुए ऐतिहासिक ‘टोरिजोस-कार्टर समझौते’ के तहत अमेरिका ने पनामा नहर का नियंत्रण चरणबद्ध तरीके से पनामा को सौंपने का निर्णय लिया था। इसके बाद, साल 1999 में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का पूरा कंट्रोल आधिकारिक तौर पर पनामा के हाथों में चला गया था, जिसे ट्रंप अब अमेरिका की बड़ी गलती बता रहे हैं।
जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) पर भी बोले ट्रंप
अपनी स्पीच के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बर्थराइट सिटिजनशिप’ (अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलने वाली नागरिकता) का मुद्दा भी उठाया और इस पर सुप्रीम कोर्ट को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि जन्मजात नागरिकता का प्रावधान मूल रूप से अमेरिकी गृहयुद्ध (Civil War) के बाद गुलामों के बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, न कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों के बच्चों को स्वतः ही अमेरिका की नागरिकता देने के लिए।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का किया स्वागत: अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले का स्वागत भी किया। इस फैसले में अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यपालिका एजेंसियों के प्रमुखों (चीफ) को हटाने के अधिकार के दायरे को बढ़ाया गया है। ट्रंप ने इसे राष्ट्रपति पद की शक्तियों को बहाल करने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि इससे मौजूदा दौर में राष्ट्रपति को बेहद जरूरी अधिकार मिल गए हैं।
