एमडीएमके ने डीएमके से तोड़ा 9 साल पुराना नाता, एक्टर विजय की ‘टीवीके’ सरकार को दिया समर्थन
एमडीएमके ने डीएमके से तोड़ा 9 साल पुराना नाता, एक्टर विजय की ‘टीवीके’ सरकार को दिया समर्थन
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में शनिवार को एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेतृत्व वाले ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ के साथ अपना 9 साल पुराना गठबंधन आधिकारिक तौर पर खत्म करने का ऐलान कर दिया है। एमडीएमके के महासचिव वाइको ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी अब राज्य की सत्तारूढ़ और अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) को अपना पूरा समर्थन देगी।
शनिवार को आयोजित एमडीएमके की सामान्य परिषद (General Council) की बैठक में इस ऐतिहासिक फैसले से जुड़े एक आधिकारिक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। यह समर्थन आगामी उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में भी जारी रहेगा।
”टीवीके सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशन का चलन खत्म”: वाइको
गठबंधन तोड़ने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वाइको ने विजय की पार्टी और उनकी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा:
भ्रष्टाचार मुक्त शासन: मुख्यमंत्री विजय की सत्तारूढ़ पार्टी टीवीके में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं है। इस नई सरकार के आते ही राज्य से कमीशनखोरी का चलन पूरी तरह खत्म हो गया है।
सिद्धांतों पर अडिग: टीवीके सरकार पूरी तरह से सामाजिक न्याय (Social Justice), दो-भाषा नीति और अन्ना (सी. एन. अन्नादुरई) के बुनियादी सिद्धांतों पर चल रही है। हम इस सरकार के कामकाज से बेहद खुश हैं।
गठबंधन छोड़ने की असली वजह: सम्मान की कमी और पर्दे के पीछे की डील
एमडीएमके द्वारा पास किए गए आधिकारिक प्रस्ताव में डीएमके गठबंधन से अलग होने के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया गया है:
पहचान को कमजोर करने की कोशिश: प्रस्ताव में कहा गया कि हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान गठबंधन के भीतर एमडीएमके की खास पहचान और तमिलनाडु की जनता के लिए उसके 32 साल के सक्रिय इतिहास को जानबूझकर कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद पार्टी गठबंधन धर्म पर अड़ी रही।
जनादेश के खिलाफ राजनीतिक सौदेबाजी: वाइको ने चुनाव नतीजों से पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि जनता टीवीके (TVK) के साथ है। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि चुनाव नतीजों के बाद पर्दे के पीछे कुछ ऐसी राजनीतिक डील्स हुईं जो सीधे तौर पर जनता के मैंडेट (जनादेश) के खिलाफ थीं।
अन्नाद्रमुक और हिंदुत्व ताकतों का गठजोड़: प्रस्ताव में यह भी दावा किया गया कि यह एक खुला राज है कि महज 47 सीटें जीतने वाली अन्नाद्रमुक (AIADMK) को हिंदुत्ववादी सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलाकर सत्ता में लाने के इंतजाम किए जा रहे थे। इन स्वार्थों के कारण सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस की मूल विचारधारा का कोई मतलब नहीं रह गया था, जिसके बाद कार्यकर्ताओं की राय पर गठबंधन छोड़ने का फैसला लिया गया।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजे
4 मई 2026 को घोषित हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। इन चुनावों में रिकॉर्ड 85.1 प्रतिशत मतदान हुआ था। अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में ब्लॉकबस्टर प्रदर्शन करते हुए कुल 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता संभाली।
इस ऐतिहासिक परिणाम ने तमिलनाडु की राजनीति में पिछले छह दशकों (60 साल) से चले आ रहे दो मुख्य द्रविड़ियन दलों (DMK और AIADMK) के वर्चस्व को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
विधानसभा की दलीय स्थिति (कुल सीटें – 234):
राजनीतिक दल. जीती गई सीटें
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) 108
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) 59
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)47
कांग्रेस (INC)5
पट्टाली मक्कल काची (PMK)4
सीपीआई (CPI)2
सीपीआई (एम) [CPI(M)]2
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)2
विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK)2
देसीया मुरपोक्कु द्रविदा कड़गम (DMDK)1
अम्मा मक्कड़ मुनेत्र कड़गम (AMMK)1
भारतीय जनता पार्टी (BJP)1
