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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की छापेमारी तेज, ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या घटकर हुई 12

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की छापेमारी तेज, ट्रस्ट के सदस्यों की संख्या घटकर हुई 12

​अयोध्या: भव्य राम मंदिर में चढ़ावा और दान की राशि चोरी होने के मामले में अयोध्या पुलिस और एसआईटी (SIT) पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कुछ नए नाम सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस कई गुप्त ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच में इस साजिश के तार कुछ बैंक कर्मचारियों से भी जुड़ते दिख रहे हैं और सूत्रों के मुताबिक रविवार को इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस जांच में अनुकल्प मिश्रा नाम के व्यक्ति की भूमिका मास्टरमाइंड के तौर पर उभर कर सामने आ रही है।

​इस पूरे विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। सूत्रों का कहना है कि वे एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद खुद मीडिया से बात करेंगे। चंपत राय के गृह क्षेत्र के रहने वाले उनके शिष्य नरेश चौहान ने भावुक होकर उनका बचाव किया है और कहा है कि उन पर लगे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

​अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार, चंपत राय के पूर्व ड्राइवर पर एफआईआर

​ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चंपत राय के पूर्व ड्राइवर और करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल हैं, जिनकी धांधली की कई कहानियां सामने आ चुकी हैं। टिन्नू यादव के अलावा पुलिस ने अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव को नामजद कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

​राम मंदिर ट्रस्ट में सदस्यों की वर्तमान स्थिति

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में 15 सदस्यीय ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के गठन की घोषणा की थी। हालांकि, हालिया विवाद के बाद महासचिव चंपत राय और सीनियर सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे की पेशकश तथा कुछ सदस्यों के निधन के बाद ट्रस्ट में सक्रिय सदस्यों की संख्या घटकर अब 12 रह गई है।

​फरवरी 2025 में दलित समुदाय के प्रतिनिधि कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुए पद पर हरदोई के रिटायर्ड आईएफओएस (IFoS) अधिकारी कृष्णमोहन को नया सदस्य बनाया गया था। वहीं, अयोध्या राजपरिवार के वंशज विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का साल 2025 में निधन हो गया था, जिससे खाली हुआ पद अभी तक भरा नहीं गया है।

​श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मौजूदा सक्रिय सदस्य

​के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के 92 वर्षीय वरिष्ठतम अधिवक्ता, जिन्होंने अदालत में ‘रामलला विराजमान’ का पक्ष रखा। ट्रस्ट की कानूनी रणनीतियों में इनका मार्गदर्शन मुख्य होता है।

​जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज: बद्रीनाथ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य और इलाहाबाद में वेदांत विभाग के पूर्व प्रमुख।

​जगद्गुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज: कर्नाटक के उडुपी में स्थित प्रसिद्ध पेजावर मठ के मौजूदा मठाधीश।

​युगपुरुष परमानंद गिरी जी महाराज: हरिद्वार के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड मिलेनियम पीस समिट को संबोधित किया था।

​स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज (कोषाध्यक्ष): ट्रस्ट के वित्तीय मामलों के प्रमुख। मंदिर के दान, चढ़ावे के लेखा-जोखा और बैंक खातों की निगरानी रखना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है।

​कृष्णमोहन: यूपी के हरदोई के रहने वाले महाराष्ट्र कैडर के रिटायर्ड इंडियन फॉरेस्ट सर्विस ऑफिसर और समाज सेवी। इन्होंने ही हालिया चोरी मामले में मुख्य एफआईआर दर्ज कराई है।

​महंत नृत्य गोपाल दास (अध्यक्ष): ट्रस्ट के सर्वोच्च अध्यक्ष जो धार्मिक मार्गदर्शन, संतों से जुड़े निर्णय और नीतिगत फैसलों का नेतृत्व करते हैं।

​महंत दिनेन्द्र दास जी महाराज: अयोध्या के निर्मोही अखाड़े का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो राम मंदिर मामले में मुख्य पक्षकारों में से एक था।

​प्रशांत लोखंडे: एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी और सीबीएसई (CBSE) के चेयरपर्सन। ये ट्रस्ट में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और पदेन सदस्य हैं।

​संजय प्रसाद: बिहार कैडर के 1995 बैच के आईएएस अधिकारी, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर कार्यरत हैं और यूपी सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

​शंशाक त्रिपाठी: उत्तर प्रदेश कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी। वर्तमान में अयोध्या के जिलाधिकारी (कलेक्टर) होने के नाते वे इस ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं।

​नृपेन्द्र मिश्रा (भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष): भारत के पूर्व प्रधान सचिव और ट्राई (TRAI) के पूर्व प्रमुख। मंदिर के तकनीकी पहलुओं, डिजाइन और निर्माण कार्य की देखरेख इन्हीं के जिम्मे है। वे ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं।

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