राजनीति

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दिए भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा झूठा दावा बेनकाब

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दिए भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर किया जा रहा झूठा दावा बेनकाब

​नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक भ्रामक नैरेटिव चलाया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कोई भी भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ। केंद्र सरकार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में किया जा रहा यह दावा पूरी तरह से तथ्यहीन, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है। रक्षा मंत्री के भाषण के एक छोटे से हिस्से को जानबूझकर संदर्भ से अलग (Out of Context) करके पेश किया जा रहा है।

​जानबूझकर पूरे भाषण के संदर्भ को किया गया नजरअंदाज

​केंद्र सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संसद में दिए गए रक्षा मंत्री के भाषण को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश करने वालों ने जानबूझकर उनके पूरे वक्तव्य के मूल संदर्भ को दरकिनार कर दिया।

​असल में, जिस समय रक्षा मंत्री संसद को संबोधित कर रहे थे, उस वक्त सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ वर्गों में एक झूठा प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे। सरकार के मुताबिक, यह अफवाह पूरी तरह निराधार थी, जिसका मकसद भारतीय सेना की कामयाबी को कमतर दिखाना और देश की जनता का मनोबल गिराना था।

​भ्रामक और झूठे प्रचार के जवाब में थी रक्षा मंत्री की टिप्पणी

​सरकार ने साफ किया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी केवल उसी झूठे प्रचार का खंडन करने के लिए थी, जिसमें वायुसेना के पायलटों के मारे जाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने वायुसेना के संदर्भ में चल रही अफवाहों को खारिज किया था, न कि ऑपरेशन में हुए कुल सर्वोच्च बलिदानों को नकारा था। इसलिए उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के बजाय पूरे परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।

​पूरा भाषण था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कामयाबी का तथ्यात्मक विवरण

​संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पूरा संबोधन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शानदार सफलता का एक विस्तृत और तथ्यात्मक लेखा-जोखा था। इस ऑपरेशन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

​दुश्मन को भारी नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) ने अद्वितीय वीरता और सटीकता का परिचय देते हुए 100 से अधिक आतंकवादियों और पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किया था।

​सैन्य ढांचे को तबाही: भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित पाकिस्तान के कई एयरबेस और मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया था।

​सरकार के अनुसार, रक्षा मंत्री का यह भाषण भारतीय सेना की बहादुरी और पेशेवर दक्षता के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाला था, जो भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले दुश्मनों को एक कड़ा और साफ संदेश देता है।

​हर शहीद सैनिक के प्रति कृतज्ञ है सरकार

​केंद्र सरकार ने अपने बयान में इस बात को पूरी दृढ़ता से दोहराया है कि रक्षा मंत्री और भारत सरकार देश की रक्षा करने वाले प्रत्येक सैनिक के प्रति सर्वोच्च सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव रखती है।

​मातृभूमि के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को हमेशा गर्व और गरिमा के साथ याद रखा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीर शहीदों के नाम पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) की दीवारों पर अंकित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शहीद सैनिकों के परिवारों और आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं में सरकार की तरफ से हर जरूरी मदद और रियायतें दी जा रही हैं।

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