गाजा संकट पर सोनिया गांधी ने घेरा, तो भाजपा ने लगाया ‘वोट बैंक’ की राजनीति का आरोप
गाजा संकट पर सोनिया गांधी ने घेरा, तो भाजपा ने लगाया ‘वोट बैंक’ की राजनीति का आरोप
नई दिल्ली: गाजा और फिलिस्तीन के मौजूदा हालातों को लेकर देश में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी अखबार में लिखे अपने लेख के जरिए गाजा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ‘निरंतर चुप्पी’ पर कड़े सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोनिया गांधी के इन आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर विदेश नीति में भी वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
”गाजा में हो रहा है बच्चों का सोची-समझी रणनीति के तहत नरसंहार”: सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने अपने लेख में संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मोदी सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की।
एस. मुरलीधर आयोग की रिपोर्ट: सोनिया गांधी ने बताया कि इस 94 पृष्ठों की रिपोर्ट की अध्यक्षता देश के प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर कर रहे हैं। जून 2026 में आई इस रिपोर्ट को पढ़ना अत्यंत पीड़ादायक है, जिसमें इजरायली सैन्य कार्रवाइयों के पीछे छिपी कथित ‘नरसंहार की मंशा’ का विवरण है।
हृदयविदारक आंकड़े: लेख के अनुसार, गाजा में अब तक कम से कम 20,000 बच्चों की जान जा चुकी है और 44,000 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में 27 प्रतिशत बच्चे हैं, जिनमें से कई के सिर और गर्दन में सीधे गोली लगने के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा वहां 97 प्रतिशत स्कूल और बाल चिकित्सा अस्पताल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
भारत की चुप्पी पर सवाल: कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कई पश्चिमी देश फिलिस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दे रहे हैं और इजरायल से संबंधों की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन भारत इस गंभीर मानवीय संकट पर चुप है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऐतिहासिक उपनिवेशवाद-विरोधी एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय शांति के सिद्धांतों से दूर होकर वैश्विक जनमत से खुद को अलग-थलग कर रहा है।
”कांग्रेस की विदेश नीति सिर्फ वोट बैंक का हिसाब-किताब”: भाजपा
सोनिया गांधी के इस लेख पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस की नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत ने गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर हमेशा अपना रुख स्पष्ट रखा है।
मानवीय सहायता और यूएन में रुख: पूनावाला ने कहा कि भारत ने संकट के समय फिलिस्तीन को कई बार मानवीय सहायता भेजी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी युद्धविराम के प्रस्तावों पर भारत ने मतदान के जरिए अपना रुख साफ किया है। खुद पीएम मोदी को फिलिस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है।
पक्षपात का आरोप: भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, “समस्या यह है कि कांग्रेस हमेशा विदेश नीति को वोट बैंक से जोड़कर देखती है। वोट बैंक के डर से ही उन्होंने इजरायल के साथ कभी मजबूत संबंध नहीं बनाए। वे हमास के प्रति सहानुभूति रखते हैं और इजरायल पर हुए आतंकी हमलों पर कुछ नहीं बोलते।”
दोहरा रवैया: पूनावाला ने आगे कहा कि सोनिया गांधी गाजा में अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाती हैं और राफा के बारे में बात करती हैं, लेकिन ढाका (बांग्लादेश) में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों पर पूरी तरह मौन रहती हैं। इससे सिद्ध होता है कि उनके लिए विदेश नीति भी केवल चुनावी फायदे और गणित का हिस्सा है।
