लाइफ स्टाइल

सेहत: क्या यूरिक एसिड के मरीज खा सकते हैं आम? जानें डॉक्टरों की सटीक राय और सही तरीका

सेहत: क्या यूरिक एसिड के मरीज खा सकते हैं आम? जानें डॉक्टरों की सटीक राय और सही तरीका

​नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में ‘फलों के राजा’ आम का स्वाद हर कोई लेना चाहता है, लेकिन हाई यूरिक एसिड और गठिया (Gout) से पीड़ित मरीजों के मन में अक्सर यह डर रहता है कि क्या आम खाना उनकी सेहत के लिए सुरक्षित है? इस विषय पर देश के जाने-माने डॉक्टरों और डाइट एक्सपर्ट्स ने स्थिति साफ की है।

​डॉक्टरों के अनुसार, यूरिक एसिड बढ़ने पर आम का सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ खास नियमों और मात्रा (Portion Control) का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

​क्यों खा सकते हैं आम? डॉक्टरों ने बताए इसके फायदे

​मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आम सीधे तौर पर शरीर में यूरिक एसिड नहीं बढ़ाता है। इसमें कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं:

​विटामिन-सी का बेहतरीन सोर्स: आम में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। शोध बताते हैं कि विटामिन-सी किडनी को सक्रिय करता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त यूरिक एसिड यूरीन (पेशाब) के रास्ते बाहर निकल जाता है।

​सूजन कम करने में मददगार: आम में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों में होने वाले दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।

​सावधानी भी है जरूरी: ज्यादा आम खाने से क्यों बढ़ता है खतरा?

​हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आम का अत्यधिक सेवन यूरिक एसिड के मरीजों की दिक्कतें बढ़ा सकता है। इसका मुख्य कारण आम में पाई जाने वाली प्राकृतिक शुगर यानी फ्रुक्टोज (Fructose) है।

​जब शरीर भारी मात्रा में फ्रुक्टोज को मेटाबॉलाइज (पचाता) करता है, तो इस प्रक्रिया के बाय-प्रोडक्ट के रूप में शरीर में प्यूरीन तेजी से टूटता है, जिससे यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ सकता है। इसलिए, अनियंत्रित मात्रा में आम खाने से जोड़ों में तेज दर्द (Gout Attack) का खतरा बढ़ जाता है।

​मरीजों के लिए गाइडलाइंस: डॉक्टर की इन 4 बातों का रखें ध्यान

​यदि आप यूरिक एसिड के मरीज हैं और आम का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो डॉक्टरों ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

​मात्रा तय करें: दिनभर में केवल एक छोटा आम या आधा कटोरी कटा हुआ आम ही खाएं। एक साथ 2-3 आम खाने की गलती कतई न करें।

​मैंगो शेक और जूस को कहें ‘नो’: आम को हमेशा काटकर या चूसकर ही खाएं। मैंगो शेक, स्मूदी या रेडीमेड जूस पीने से बचें। जूस बनाने से आम का फाइबर खत्म हो जाता है और फ्रुक्टोज का लेवल बढ़ जाता है, जो तुरंत यूरिक एसिड को स्पाइक कर सकता है।

​पानी का सेवन बढ़ाएं: आम खाने के बाद दिनभर में पर्याप्त मात्रा में (3-4 लीटर) पानी पिएं। पानी शरीर से टॉक्सिन्स को फ्लश आउट करने में मदद करेगा।

​कच्चे आम और अचार से परहेज: पके आम की तुलना में कच्चे आम, आम के अचार या खट्टी चटनियों से दूर रहें, क्योंकि ये जोड़ों के दर्द को ट्रिगर कर सकते हैं।

​विशेषज्ञ की सलाह: डॉक्टरों का कहना है कि यदि आपके जोड़ों या पैरों के अंगूठे में पहले से ही तेज दर्द या सूजन है, तो जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक आम खाने से पूरी तरह परहेज करें। गंभीर स्थिति में अपनी डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *