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कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन में भारतीय राजदूत ने जारी किया वीडियो संदेश, दी जरूरी सलाह

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर चीन में भारतीय राजदूत ने जारी किया वीडियो संदेश, दी जरूरी सलाह

​बीजिंग/नई दिल्ली: चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने रविवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने यात्रा के लिए की जा रही तैयारियों, परिक्रमा के अपने व्यक्तिगत अनुभव और श्रद्धालुओं के लिए बेहद जरूरी सलाह साझा की हैं।

​राजदूत और भारतीय दूतावास के अधिकारियों की टीम ने खुद कैलाश पर्वत की परिक्रमा वाले पूरे रास्ते और आधिकारिक यात्रा के सभी प्रवेश द्वारों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है।

​हर 12 साल में आने वाला खास साल, रहेगी भारी भीड़

​राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने बताया कि यह क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए भी बेहद पवित्र माना जाता है। उन्होंने यात्रियों को सचेत करते हुए कहा कि इस बार वहां काफी भीड़ मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि चीनी और पारंपरिक तिब्बती कैलेंडर के अनुसार यह हर 12 साल में आने वाला एक अत्यंत विशेष और पवित्र वर्ष है।

​दूतावास की टीम ने न केवल प्रवेश द्वारों का निरीक्षण किया, बल्कि उन होटलों, कमरों और रसोई (किचन) की भी बारीकी से जांच की, जहां यात्रियों को हर रात ठहराया जाएगा। इसके साथ ही वहां मौजूद मुख्य चिकित्सा सुविधाओं (मेडिकल फैसिलिटीज) का भी जायजा लिया गया।

​मौसम और अत्यधिक ऊंचाई को लेकर दी चेतावनी

​राजदूत ने कहा कि चीनी सरकार के साथ मिलकर सभी तैयारियां पूरी करने की कोशिश की गई है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों को इस यात्रा की भौगोलिक कठिनाइयों के बारे में अच्छी तरह पता होना चाहिए।

​अत्यधिक ऊंचाई: उन्होंने कहा, “यह बहुत ऊंचाई वाला इलाका है। यात्रा के दौरान आप ज्यादातर समय समुद्र तल से 3,500 मीटर से ऊपर रहेंगे। वहीं, परिक्रमा का रास्ता लगभग 5,605 मीटर (करीब 6,000 मीटर) की ऊंचाई तक जाता है।”

​बदलता मौसम: मौसम की मुश्किलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “जैसा कि आप देख सकते हैं, इस ऊंचाई पर आपसे बात करते हुए भी मुझे अपनी सांस संभालनी पड़ रही है। खासकर पवित्र कैलाश पर्वत के आसपास का मौसम बहुत तेजी से बदलता है। वहां एक ही समय पर अचानक बर्फबारी, तेज धूप और बारिश जैसी स्थिति बन सकती है।”

​राजदूत ने सभी श्रद्धालुओं को गर्म कपड़ों की पर्याप्त तैयारी रखने, अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और शरीर में ऑक्सीजन के स्तर से जुड़ी सावधानियों को कड़ाई से बरतने की सलाह दी है।

​इस बार 500 श्रद्धालु करेंगे यात्रा

​हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा को सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है, जो चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित हैं। इस साल कुल 500 श्रद्धालु ‘नाथू ला’ मार्ग से इस पावन यात्रा पर जा रहे हैं।

​प्रशासन ने सुरक्षा और बेहतर तालमेल के लिए इन श्रद्धालुओं को 50-50 यात्रियों के 10 अलग-अलग समूहों (बैच) में बांटा है। यात्रा के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और सुचारू सहायता के लिए हर समूह के साथ एक आधिकारिक संपर्क अधिकारी (Liaison Officer) और एक मेडिकल सहायक अनिवार्य रूप से मौजूद रहेगा।

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