लेबनान में IDF को पूरी कार्रवाई की छूट, जब तक जरूरत होगी सुरक्षा क्षेत्र में रहेंगे: बेंजामिन नेतन्याहू
लेबनान में IDF को पूरी कार्रवाई की छूट, जब तक जरूरत होगी सुरक्षा क्षेत्र में रहेंगे: बेंजामिन नेतन्याहू
तेल अवीव/वाशिंगटन: इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को एक बड़ा बयान दिया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली रक्षा बल (IDF) के सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तरी इजरायल के नागरिकों के खिलाफ किसी भी सीधे या उभरते खतरे को कुचलने के लिए पूरी कार्रवाई की स्वतंत्रता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना के निर्देशों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आईडीएफ पर कोई प्रतिबंध नहीं: नेतन्याहू
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने आईडीएफ (IDF) के जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा:
“दक्षिणी लेबनान में हमारे सैनिकों को अपने खिलाफ या उत्तर के निवासियों के खिलाफ किसी भी सीधे या संभावित खतरे को रोकने के लिए पूरी स्वतंत्रता है। इस मामले में आईडीएफ पर कोई प्रतिबंध नहीं है। मैं उनके साथ खड़ा हूं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।”
उन्होंने इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए आगे कहा कि जब तक जरूरत होगी, इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र (सिक्योरिटी जोन) में डटी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार को ही बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सेना को लेबनान में युद्धविराम लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन ताजा बयान से साफ है कि खतरे की स्थिति में सेना तुरंत पलटवार करेगी।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में ‘डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म’ पर प्रगति
नेतन्याहू के इस बयान से ठीक पहले सोमवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के बारे में मीडिया को जानकारी दी थी।
लेबनान के मुद्दे पर वेंस ने बताया कि बातचीत में ‘काफी अच्छी प्रगति’ हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक ‘डी-कॉनफ्लिक्शन मैकेनिज्म’ (टकराव रोकने का तंत्र) तैयार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच होने वाले रोजमर्रा के टकराव को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकना है। वेंस ने कहा कि अमेरिका इस व्यवस्था को स्थापित करने में काफी हद तक सफल रहा है।
इजरायल की सुरक्षा और लेबनान की संप्रभुता दोनों जरूरी: अमेरिका
जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या वॉशिंगटन चाहता है कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह बाहर निकल जाए, तो वेंस ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा:
“हम चाहते हैं कि इजरायल की सुरक्षा भी बनी रहे और साथ ही लेबनान की संप्रभुता (सॉवरेनिटी) का भी सम्मान हो। इस विषय पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।”
जेडी वेंस ने यह भी साफ किया कि स्विट्जरलैंड में चल रही इस संवेदनशील वार्ता के दौरान अमेरिका लगातार अपने क्षेत्रीय साझेदारों—इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के संपर्क में बना हुआ है ताकि मध्य पूर्व में शांति बहाली का कोई ठोस रास्ता निकाला जा सके।
