LUCC घोटाला: सीबीआई की एंट्री के बाद धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 3 राज्यों में मौजूद 34 संपत्तियां होंगी कुर्क
LUCC घोटाला: सीबीआई की एंट्री के बाद धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 3 राज्यों में मौजूद 34 संपत्तियां होंगी कुर्क
देहरादून: उत्तराखंड में जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले धोखेबाजों के खिलाफ राज्य सरकार ने चौतरफा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बहुचर्चित LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एंट्री के बाद अब उत्तराखंड शासन ने आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया बेहद तेज कर दी है। सीबीआई की विस्तृत जांच के आधार पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चिह्नित कुल 34 अचल संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
जमाकर्ताओं को राहत देने के लिए BUDS Act के तहत कार्रवाई
LUCC के पदाधिकारियों पर उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में जनता से अवैध रूप से धन एकत्र करने, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र और अनियमित जमा योजनाओं के संचालन जैसे गंभीर आरोप हैं। इस घोटाले के कारण हजारों जमाकर्ताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
सीबीआई की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार ने BUDS Act 2019 (बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट) के तहत सख्त कदम उठाए हैं। अधिनियम की धारा 7(1) के अंतर्गत उत्तराखंड शासन के वित्त सचिव को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है, ताकि इन संपत्तियों की नीलामी कर पीड़ितों का पैसा वापस लौटाया जा सके।
3 राज्यों में चिह्नित की गईं 34 अचल संपत्तियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, देहरादून को सौंपी गई थी। एजेंसी ने गहन पड़ताल के बाद आरोपियों से जुड़ी 34 अचल संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्की की संस्तुति की है:
उत्तराखंड: देहरादून में 6 संपत्तियां।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, बाराबंकी और जालौन जिलों में 20 संपत्तियां।
महाराष्ट्र: नवी मुंबई और ठाणे में 8 संपत्तियां।
देहरादून में 6 संपत्तियों की कुर्की की तैयारी, कोर्ट में अर्जी दाखिल
सरकारी आदेश के मुताबिक, देहरादून में स्थित 6 अचल संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन संपत्तियों को स्थायी रूप से कुर्क करने और भविष्य में इनकी नीलामी शुरू करने के लिए 18 जून 2026 को प्रथम अपर जिला न्यायालय देहरादून में प्रार्थना पत्र दाखिल कर दिया गया है।
यूपी और महाराष्ट्र में भी कार्रवाई तेज
सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि बाहरी राज्यों में भी जालसाजों की संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश की 20 और महाराष्ट्र (नवी मुंबई व ठाणे) की 8 अचल संपत्तियों को अंतिम रूप से कुर्क करने के लिए संबंधित अधिसूचित न्यायालयों से अनुमति मांगी गई है। इसके लिए भी 18 जून को आवश्यक प्रार्थना पत्र भेजे गए हैं। न्यायालय की अनुमति मिलते ही इन सभी संपत्तियों पर अंतिम कुर्की के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
”सीबीआई की ओर से आरोपियों की संपत्ति को कुर्क करने की संस्तुति राज्य को भेजी गई है, जिस पर आगे की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।”
— दिलीप जावलकर, वित्त सचिव, उत्तराखंड
पीड़ितों की डूबी रकम लौटाना मुख्य उद्देश्य
इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन पीड़ित जमाकर्ताओं को न्याय दिलाना है, जिनकी जीवनभर की बचत इस घोटाले में फंस गई थी। BUDS Act के प्रावधानों के तहत इन कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी की जाएगी और उससे प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग प्रभावित जमाकर्ताओं की राशि लौटाने के लिए किया जाएगा। सरकार के इस कदम से साफ है कि आने वाले दिनों में न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद इस आर्थिक मोर्चे पर और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
