अमेरिका के बाद अब रूस का बड़ा विमान हादसा: साइबेरिया में Tu-22M3 रणनीतिक बॉम्बर क्रैश, सभी 4 क्रू मेंबर्स सुरक्षित
अमेरिका के बाद अब रूस का बड़ा विमान हादसा: साइबेरिया में Tu-22M3 रणनीतिक बॉम्बर क्रैश, सभी 4 क्रू मेंबर्स सुरक्षित
मॉस्को/इरकुत्स्क: अमेरिका में हुए भीषण B-52 बॉम्बर हादसे के तुरंत बाद अब रूस से भी एक बड़े सैन्य विमान हादसे की खबर आई है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार को साइबेरिया के इरकुत्स्क (Irkutsk) क्षेत्र में एक प्रशिक्षण उड़ान (Training Flight) के दौरान रूस का एक Tu-22M3 रणनीतिक बॉम्बर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते विमान के पायलट समेत चारों चालक दल के सदस्य (Crew Members) सुरक्षित रूप से बाहर निकल आए और इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
हादसे से ठीक पहले सुरक्षित बाहर निकले पायलट
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि विमान के जमीन पर गिरने से ठीक पहले पायलट समेत 4 सदस्यीय चालक दल ‘इजेक्ट’ (Eject) होकर विमान से बाहर निकल आया था। उड़ान के समय बॉम्बर विमान में कोई भी युद्धक सामग्री या लाइव बम मौजूद नहीं थे। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोब्ज़ेव ने बताया कि यह दुर्घटना कामेन्का गांव के पास हुई। चालक दल के चारों सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ क्रैश का लाइव वीडियो
हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में विमान को अंगारा नदी के किनारे से कुछ ही दूरी पर घने जंगल वाले क्षेत्र में तेजी से नीचे की ओर गोता लगाते हुए देखा गया। कुछ ही सेकेंड में विमान सीधे जंगल में जा गिरा, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई और धुएं का एक विशाल गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया। सूचना मिलते ही दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाया।
इंजन की खराबी माना जा रहा है प्राथमिक कारण
गवर्नर इगोर कोब्ज़ेव के अनुसार, प्रारंभिक जांच और तकनीकी टीम से मिली जानकारी से संकेत मिले हैं कि इस गंभीर हादसे की मुख्य वजह इंजन की खराबी (Technical Failure/Engine Malfunction) है। वायुसेना के अधिकारी दुर्घटना के सटीक कारणों की गहन जांच कर रहे हैं।
सीरिया और यूक्रेन युद्ध का हिस्सा रहा है ‘बैकफायर’ बॉम्बर
हाइपरसोनिक मारक क्षमता: Tu-22M3 सोवियत-युग का एक बेहद शक्तिशाली सुपरसोनिक लॉन्ग-रेंज बॉम्बर है, जो रूस की घातक हाइपरसोनिक ‘किंझल’ (Kinzhal) मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है।
नाटो कोड नेम: पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) द्वारा इस खतरनाक बॉम्बर विमान को ‘बैकफायर’ (Backfire) कोड नाम दिया गया है।
युद्ध का इतिहास: रूस ने हाल के वर्षों में सीरिया के सैन्य अभियान और यूक्रेन के साथ चल रहे मौजूदा युद्ध में इस बॉम्बर विमान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
अमेरिकी हादसे से तुलना: जहां रूस के इस हादसे में क्रू मेंबर्स की जान बच गई, वहीं इससे ठीक पहले कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में हुए अमेरिकी वायुसेना के B-52 बॉम्बर क्रैश में विमान में सवार सभी 8 सैन्यकर्मियों और सरकारी ठेकेदारों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
