उत्तराखंड

​हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब: सोमवती अमावस्या पर उमड़ी रिकॉर्ड तोड़ भीड़, पार्किंग और होटल पैक; हाईवे पर 5 किमी लंबा जाम

​हरिद्वार में आस्था का जनसैलाब: सोमवती अमावस्या पर उमड़ी रिकॉर्ड तोड़ भीड़, पार्किंग और होटल पैक; हाईवे पर 5 किमी लंबा जाम

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का ऐसा ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ा है कि व्यवस्थाएं छोटी पड़ती नजर आ रही हैं। चालू यात्रा सीजन की यह पहली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ है, जिसने पूरे मेला क्षेत्र को खचाखच भर दिया है। विश्व प्रसिद्ध हर की पैड़ी के अलावा कुंभ मेले के समय बने नए गंगा घाटों पर भी पैर रखने की जगह नहीं है। जून का वीकेंड, पुरुषोत्तम मास का अंतिम दिन और संक्रांति का एक साथ होना इस स्नान पर्व को अत्यंत फलदायी बना रहा है, जिसके चलते देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे हैं।

​सोमवार को अमावस्या का महायोग, घाटों पर गूंजे गंगा के जयकारे

​ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या का होना और इसके साथ ही पुरुषोत्तम मास (मलमास) का समापन होना एक दुर्लभ और अत्यंत पुण्यदायी संयोग है। इस दिन गंगा स्नान और दान करने से कई गुना फल प्राप्त होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अब इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास की शुरुआत होगी।

​सुबह से ही हर की पैड़ी के चारों ओर स्थित सभी घाटों पर केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। पूरा वातावरण “हर-हर गंगे” और गंगा मैया के जयकारों के उद्घोष से गुंजायमान है।

​5 किलोमीटर पैदल चलकर हर की पैड़ी पहुंच रहे श्रद्धालु

​इस बार श्रद्धालुओं की आमद इतनी ज्यादा है कि प्रशासन द्वारा की गई तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं। हरिद्वार को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर वाहनों का भारी दबाव है, जिसके चलते पिछले दो दिनों से लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।

​सोमवती अमावस्या की सुबह से ही हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतारें लग गईं और वाहन रेंगते हुए नजर आए। हालात को देखते हुए हजारों श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी से 5 किलोमीटर पहले ही अपने वाहनों को खड़ा कर दिया और वहां से पैदल ही घाटों की ओर बढ़ चले। तपती धूप और लंबी दूरी के कारण श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन गंगा मैया के प्रति उनकी अटूट आस्था के आगे थकान भी फीकी साबित हो रही है। कई श्रद्धालुओं ने जाम से बचने के लिए हाईवे के पास के नजदीकी घाटों पर ही स्नान कर लिया।

​चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, होटल और पार्किंग फुल

​भीड़ के इस प्रचंड दबाव के कारण हरिद्वार की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह पैक हो चुकी हैं। हर की पैड़ी के सबसे नजदीक स्थित पंतद्वीप, दीनदयाल उपाध्याय और रोड़ी बेलवाला समेत सभी प्रमुख पार्किंग स्थल सुबह ही वाहनों से पूरी तरह भर गए। इसके बाद प्रशासन को कांवड़ यात्रा के दौरान इस्तेमाल होने वाली ‘बैरागी कैंप’ पार्किंग में वाहनों को डाइवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा हरिद्वार के लगभग सभी होटल, लॉज और धर्मशालाएं शत-प्रतिशत बुक (पैक) हैं। स्थानीय निवासियों को जाम से बचाने के लिए पुलिस ने शहर के आंतरिक मार्गों पर बाहरी वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

​डीएम और एसएसपी ने खुद संभाली कमान

​सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को 16 जोन और 46 सेक्टरों में विभाजित किया है, जहां पर्याप्त संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। खुद हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM) मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने हर की पैड़ी और संवेदनशील घाटों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को लगातार आगे बढ़ाते रहें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ जैसी घटना से बचा जा सके।

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