मनीषा कोइराला ने महिलाओं को दिया प्रेरणादायी संदेश: कहा— ‘सपनों को पूरा करने और नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती’
मनीषा कोइराला ने महिलाओं को दिया प्रेरणादायी संदेश: कहा— ‘सपनों को पूरा करने और नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती’
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर महिलाएं परिवार, बच्चों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों और इच्छाओं को कहीं पीछे छोड़ देती हैं। समय बीतने के साथ कई महिलाओं के मन में यह निराशा घर कर जाती है कि अब कुछ नया करने या अपनी जिंदगी जीने की उम्र निकल चुकी है। ऐसी ही तमाम महिलाओं को बॉलीवुड की दिग्गज और खूबसूरत अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने एक बेहद खास और दिल छू लेने वाला संदेश दिया है।
थाईलैंड ट्रिप से साझा कीं खूबसूरत तस्वीरें
मनीषा कोइराला ने हाल ही में अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी थाईलैंड ट्रिप की कुछ बेहद शानदार और खुशनुमा तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में वह प्रकृति की गोद में, शांत और सुरम्य माहौल का आनंद लेती हुई बेहद खुश नजर आ रही हैं। जीवन के इन छोटे-छोटे पलों को खुलकर जीने का उत्साह उनके चेहरे पर साफ देखा जा सकता है।
’खुद को चुनें और नई शुरुआत करें’
इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए मनीषा ने कैप्शन में उन सभी महिलाओं को प्रेरित किया जो उम्र के किसी पड़ाव पर आकर रुक जाती हैं। उन्होंने लिखा:
”जो महिलाएं यह सोचती हैं कि अब उनके लिए बहुत देर हो चुकी है, उन्हें इस सोच को तुरंत छोड़ देना चाहिए। ट्रिप पर जाएं, नई शुरुआत करें और सबसे जरूरी बात—खुद को चुनें। मैं इस समय दुनिया को एक्सप्लोर (सैर) कर रही हूं और साथ ही अपनी सेहत और मानसिक शांति का भी पूरा ध्यान रख रही हूं।”
मनीषा के इस सकारात्मक संदेश ने सोशल मीडिया पर नेटिजन्स का दिल जीत लिया है। उनके इस पोस्ट पर फैंस लगातार कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “मनीषा जी, आपकी यह पोस्ट हर महिला के लिए एक सच्ची प्रेरणा है।” वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “सच कहा आपने, जिंदगी उम्र से नहीं बल्कि हमारी सोच से चलती है।”
हिंदी सिनेमा में मनीषा कोइराला का शानदार सफर
मनीषा कोइराला का नाम हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शुमार है, जिन्होंने न केवल अपनी खूबसूरती बल्कि अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर दशकों तक राज किया है।
बॉलीवुड डेब्यू: उन्होंने साल 1991 में मशहूर निर्देशक सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था और अपनी पहली ही फिल्म से रातों-रात स्टार बन गईं।
यादगार फिल्में: इसके बाद उन्होंने ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉम्बे’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘दिल से’, ‘मन’, ‘लज्जा’ और ‘कंपनी’ जैसी कई कल्ट और क्लासिक फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।
सदाबहार गाने: उनके अभिनय से सजे गाने जैसे ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’, ‘रिम झिम रिम झिम’, ‘तू ही रे’, ‘जिया जले’ और ‘नशा यह प्यार का नशा है’ आज भी संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बने हुए हैं।
पुरस्कार और सम्मान:
अपने दमदार और संजीदा अभिनय के लिए मनीषा कोइराला को फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री श्रेणी) समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित और सराहा जा चुका है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाली मनीषा असल जिंदगी में भी लाखों लोगों के लिए एक बड़ी रोल मॉडल हैं।
