कैंचीधाम स्थापना दिवस से पहले बड़ा बवाल: छेड़खानी के आरोप में दो सिपाही निलंबित, भड़के लोगों ने की धुनाई
कैंचीधाम स्थापना दिवस से पहले बड़ा बवाल: छेड़खानी के आरोप में दो सिपाही निलंबित, भड़के लोगों ने की धुनाई
विश्व प्रसिद्ध बाबा नीब करौरी महाराज के ‘कैंचीधाम’ स्थापना दिवस मेले से ठीक पहले क्षेत्र में भारी बवाल खड़ा हो गया है। मेले की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात दो पुलिस सिपाहियों पर एक होमस्टे संचालक की बेटी से कथित तौर पर छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने दोनों सिपाहियों की जमकर पिटाई कर दी और पुलिस चौकी का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजूनाथ टीसी ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
होमस्टे संचालक की बेटी से बदसलूकी का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, 15 जून को आयोजित होने वाले कैंचीधाम स्थापना दिवस मेले के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शनिवार रात मंदिर के समीप स्थित एक होमस्टे संचालक की बेटी ने ड्यूटी पर तैनात दो सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया। घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते सैकड़ों स्थानीय लोग और व्यापारी मौके पर इकट्ठा हो गए।
आरोप है कि गुस्से से तमतमाए लोगों ने दोनों सिपाहियों को मौके पर ही पकड़ लिया और उनकी जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद लोग दोनों को घसीटते हुए पुलिस चौकी ले गए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चौकी का घेराव कर दिया।
बैरिकेडिंग और ‘कर्फ्यू’ जैसे माहौल पर भी फूटा गुस्सा
स्थानीय जनता और व्यापारियों का गुस्सा सिर्फ छेड़खानी की घटना तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्थापना दिवस मेले से तीन दिन पहले ही कैंचीधाम क्षेत्र और नैनीताल जिले की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही रोके जाने (रूट डायवर्जन) पर भी तीखा विरोध दर्ज कराया।
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने मेले से तीन दिन पहले ही क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगाकर ‘कर्फ्यू’ जैसा माहौल बना दिया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले स्थापना दिवस पर कभी भी तीन दिन पहले ऐसा प्रतिबंध नहीं लगाया गया।
कानून सबके लिए समान, बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू: SSP
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए नैनीताल एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने दोनों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही दोनों को सेवा से बर्खास्त (Dismiss) करने की विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
”ड्यूटी के दौरान नशाखोरी, अनुशासनहीनता या किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिस का कोई कर्मचारी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।”
— मंजूनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र कैंचीधाम के मुख्य महोत्सव से ठीक पहले हुई इस घटना ने पुलिस की साख और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील मामले के बाद कैंचीधाम क्षेत्र में पुलिस और आम जनता के बीच भारी तनाव और दूरी देखने को मिल रही है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आला अधिकारी मौके पर नजर बनाए हुए हैं।
