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अंताल्या आर्चरी वर्ल्ड कप: भारतीय जोड़ी धीरज-कुमकुम ने रचा इतिहास, ओलंपिक चैंपियनों को हराकर जीता स्वर्ण पदक

अंताल्या आर्चरी वर्ल्ड कप: भारतीय जोड़ी धीरज-कुमकुम ने रचा इतिहास, ओलंपिक चैंपियनों को हराकर जीता स्वर्ण पदक

​अंताल्या, 14 जून, 2026

तुर्की के अंताल्या में आयोजित आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में भारतीय तीरंदाजों ने स्वर्णिम इतिहास रचा है। रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में भारत के धीरज बोम्मादेवरा और युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद की जोड़ी ने ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की मजबूत जोड़ी (ओह ये जिन और किम जे देओक) को 5-1 से करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

​दबाव में दिखाई संयम और सटीकता

​खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त ओलंपिक चैंपियनों से था। कड़ी टक्कर के बीच धीरज और कुमकुम ने न केवल दबाव को झेला, बल्कि बेहद आक्रामक और सटीक प्रदर्शन किया। फाइनल के आखिरी पलों में धीरज बोम्मादेवरा ने संयम का परिचय देते हुए अपने अंतिम दो शॉट में ‘परफेक्ट 10’ स्कोर किया, जिसने भारत की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित कर दिया। भारतीय जोड़ी ने सेट स्कोर के जरिए 37-36, 37-36 और 39-39 से जीत हासिल की।

​भारतीय तीरंदाजी के लिए एक और उपलब्धि

​पहला मिक्स्ड टीम वर्ल्ड कप गोल्ड: धीरज और कुमकुम के लिए मिक्स्ड टीम स्पर्धा में यह पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है।

​पिछले रिकॉर्ड की बराबरी: भारत ने इससे पहले वर्ष 2022 में अंताल्या में ही रिद्धि फोर और तरुणदीप राय की जोड़ी के साथ रिकर्व मिक्स्ड टीम गोल्ड मेडल जीता था।

​युवा कुमकुम का शानदार फॉर्म: कुमकुम मोहोद लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। इससे पहले वह पिछले महीने शंघाई वर्ल्ड कप स्टेज-2 में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला रिकर्व टीम का भी अहम हिस्सा रही थीं।

​एक-दूसरे से प्रेरणा लेते हैं धीरज और कुमकुम

​जीत के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारत के सर्वोच्च रैंकिंग (16वें नंबर) वाले तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने अपनी साथी कुमकुम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा:

​”सच कहूं तो जब मैं कुमकुम के साथ खेलता हूं, तो उससे बहुत कुछ सीखता हूं। मैं अपना अनुभव तो साझा करता ही हूं, लेकिन उसके निडर रवैये से और भी अधिक प्रेरित होता हूं। वह इस सोच के साथ निशाना लगाती है कि सामने कौन है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हमने इस मुकाबले में सिर्फ अपनी तकनीक और जरूरी चीजों पर ध्यान केंद्रित किया।”

— धीरज बोम्मादेवरा, भारतीय तीरंदाज

​व्यक्तिगत मेडल पर नजरें

​मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब सभी की निगाहें धीरज के व्यक्तिगत सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। भारतीय दल और प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि धीरज अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हुए व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित करेंगे।

​इस जीत ने वैश्विक पटल पर भारतीय तीरंदाजी की धाक एक बार फिर मजबूती से स्थापित कर दी है।

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