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ईरान-अमेरिका सीजफायर डील से ठीक पहले बेरूत पर हमला, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी: “मौका न गंवाएं”

ईरान-अमेरिका सीजफायर डील से ठीक पहले बेरूत पर हमला, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी: “मौका न गंवाएं”

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले एक संभावित ऐतिहासिक समझौते से ठीक पहले इजरायली सेना द्वारा लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए हवाई हमलों से मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस नई सैन्य कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। ट्रंप ने इजरायल और ईरान दोनों पक्षों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब और हमले नहीं होने चाहिए और इस शांति समझौते के मौके को हाथ से नहीं गंवाया जाना चाहिए।

​बेरूत हमले में 3 की मौत, भड़का ईरान

​लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली सेना ने बेरूत के उपनगरों में स्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर ये हवाई हमले किए, जिसके बाद पूरी राजधानी में धुएं का गुबार देखा गया। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई है और 16 अन्य घायल हुए हैं। हफ्तों की शांति के बाद अपने घरों को लौटे दक्षिणी उपनगरों के निवासी जान बचाकर भागते नजर आए। एपी (AP) के एक फोटोग्राफर के मुताबिक, हमले में एक पांच मंजिला अपार्टमेंट को भारी नुकसान पहुंचा है। इस ताजा हमले के बाद ईरान ने इजरायल के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है।

​”हम शांति समझौते के बेहद करीब”: डोनाल्ड ट्रंप

​इस हमले से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। ट्रंप ने कहा:

​”हम एक ऐसी डील के बहुत करीब हैं जो लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में शांति लाएगी। आइए इस ऐतिहासिक मौके को हाथ से न जाने दें! अब और हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”

— डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका

​उत्तरी इजरायल पर हिज्बुल्लाह द्वारा दागे गए प्रोजेक्टाइल को ट्रंप ने “बहुत छोटा और बेमतलब” करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी की जान नहीं गई है और न ही कोई घायल हुआ है, इसलिए इसे इतनी अहम शांति प्रक्रिया में रुकावट नहीं बनना चाहिए।

​इजरायल ने कहा- सीमा पर गोलीबारी बर्दाश्त नहीं

​दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा कि यह उत्तरी इजरायल पर हिज्बुल्लाह द्वारा किए गए हमलों का जवाब था। पीएम नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा:

​”इजरायल अपनी संप्रभु सीमा के भीतर किसी भी प्रकार की गोलीबारी या हमला बर्दाश्त नहीं करेगा।”

— बेंजामिन नेतन्याहू व इजरायल काट्ज़

​इजरायली सेना ने आने वाले घंटों में लेबनान के भीतर और बड़े हमलों की तैयारी का संकेत दिया है। हालांकि, ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

​समझौते से दरकिनार किए जाने पर इजरायल में निराशा

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान और अन्य देशों की अगुवाई में हो रही इस त्रिपक्षीय बातचीत और सीजफायर डील के मौजूदा प्रारूप से इजरायल सरकार काफी निराश है, क्योंकि इस प्रक्रिया में इजरायल को काफी हद तक दरकिनार किया गया है। इससे पहले 7 अप्रैल को लागू हुए सीजफायर के बाद जब एक हफ्ते पहले इजरायल ने बेरूत पर हमला किया था, तब भी ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष बेहद गंभीर हो गया था।

​लेबनान में भी युद्धविराम चाहता है ईरान

​ईरान की मुख्य मांग है कि इस नए युद्धविराम समझौते के दायरे में लेबनान में चल रही लड़ाई को भी शामिल किया जाए। हालांकि, अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि इस समझौते के बाद इजरायली सेना लेबनान से कब और कैसे वापस लौटेगी। गौरतलब है कि 2 मार्च को हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर दागी गई मिसाइलों के बाद इजरायली सेना ने लेबनान में पिछले 25 सालों की तुलना में सबसे भीषण सैन्य घुसपैठ की है। अब इस नई स्ट्राइक के बाद अमेरिका-ईरान की इस बड़ी सीजफायर डील के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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